लक्ष्मीकान्त पाठक।वेबवार्ता
हरदोई। शिक्षकों के स्वजन के निधन जैसी विषम परिस्थितियों में उन्हें सांस्कृतिक रीति-रिवाजों और अंतिम संस्कार की सभी आवश्यक क्रियाएं पूरी करने के लिए पर्याप्त समय मिल सके, इसके लिए टीचर्स सेल्फ केयर टीम (टीएससीटी) उत्तर प्रदेश की जिला इकाई हरदोई ने 15 दिन के विशेष अवकाश की मांग उठाई है। संगठन की ओर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी/जनप्रतिनिधि के माध्यम से सौंपा गया।
टीएससीटी ब्लॉक संयोजक रूपेंद्र सिंह सिकरवार के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों एवं रसोइयों के हित में लागू की गई कैशलेस चिकित्सा सुविधा तथा एसबीआई सैलरी पैकेज जैसी कल्याणकारी योजनाओं के लिए मुख्यमंत्री का आभार भी व्यक्त किया गया।
संगठन ने कहा कि सनातन परंपरा में किसी स्वजन के निधन के बाद अंतिम संस्कार एवं तेरहवीं सहित विभिन्न धार्मिक-सामाजिक संस्कारों की अपनी विशिष्ट महत्ता है। ऐसे समय में शिक्षक मानसिक पीड़ा के साथ पारिवारिक एवं सामाजिक दायित्वों के निर्वहन की जिम्मेदारी भी उठाते हैं। सीमित आकस्मिक अवकाश के कारण उन्हें कई बार कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है।
ज्ञापन में मांग की गई कि शिक्षक एवं समस्त स्टाफ के माता-पिता, जीवनसाथी, संतान अथवा किसी निकट स्वजन के निधन पर 15 दिन का विशेष अवकाश प्रदान किया जाए, ताकि वे बिना किसी प्रशासनिक अथवा सेवा संबंधी दबाव के अंतिम संस्कार और आवश्यक सांस्कृतिक रीति-रिवाज पूरे कर सकें।
इस अवसर पर ब्लॉक संरक्षक सत्येंद्र तिवारी, ब्लॉक सहसंयोजक आनंद सोनी, अंकित श्रीवास्तव, सक्रिय सदस्य विकास वर्मा, अखिलेश सिंह, जितेंद्र बरनवाल, उपदेश सेंगर, अखिलेश कुमार, मुकेश एवं सचिन तिवारी मौजूद रहे। वहीं सामाजिक सरोकारों से जुड़े उदय वीर सिंह, प्रिंस सिंह, सत्यपाल सिंह, पारस सिंह एवं सुधेन्द्र सिंह ने भी अभियान को समर्थन दिया।
रूपेंद्र सिंह सिकरवार ने कहा कि यह मांग केवल सेवा संबंधी सुविधा की नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और सांस्कृतिक परंपराओं के सम्मान से जुड़ी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री शिक्षकों की इस मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए सकारात्मक निर्णय लेंगे।




