फिरोजाबाद, 12 जून (वेब वार्ता)। कानपुर से नई दिल्ली जा रही स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस पर पथराव के मामले में पुलिस ने दो नाबालिगों को हिरासत में लिया है, जबकि उनके एक अन्य साथी की तलाश जारी है। घटना के समय ट्रेन के जिस कोच पर पथराव हुआ, उसी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत तथा उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी भी यात्रा कर रहे थे। हालांकि इस घटना में किसी यात्री को चोट नहीं आई।
पुलिस के अनुसार, स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस संख्या 12003 गुरुवार शाम लगभग सात बजकर पंद्रह मिनट पर फिरोजाबाद रेलवे स्टेशन से पहले खंभा संख्या 1230/05 के समीप पहुंची थी। इसी दौरान कुछ शरारती तत्वों ने ट्रेन के ई-1 कोच पर पथराव कर दिया। पथराव की वजह से कोच की एक खिड़की का बाहरी शीशा टूट गया, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी और भय का माहौल पैदा हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे और जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने ट्रेन को टूंडला में रुकवाकर उसका निरीक्षण किया और यात्रियों की सुरक्षा का जायजा लिया। मोहन भागवत और भूपेंद्र चौधरी की कुशलक्षेम की भी जानकारी ली गई।
रात में ही आगरा परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक, जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे सहित अन्य अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए रेलवे पुलिस, जिला पुलिस, विशेष अभियान दल और निगरानी इकाइयों की संयुक्त दस टीमों का गठन किया गया।
रेलवे पुलिस ने थाना रसूलपुर में रेलवे अधिनियम के तहत अज्ञात लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद जांच टीमों ने क्षेत्र में लगे करीब पचास सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के दौरान कूड़ा बीनने वाले तीन नाबालिगों की पहचान की गई, जिन पर घटना को अंजाम देने का संदेह है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे ने बताया कि चिन्हित किए गए तीन नाबालिगों में से दो को शुक्रवार को हिरासत में ले लिया गया है, जबकि तीसरे की तलाश की जा रही है। दोनों नाबालिगों को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है, जहां से आगे की कार्रवाई का निर्णय लिया जाएगा।
पुलिस के अनुसार, हिरासत में लिए गए दोनों नाबालिग शरारती प्रवृत्ति के हैं और पूर्व में भी उनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से गंभीरता के साथ जांच की जा रही है, क्योंकि इस तरह की घटनाएं यात्रियों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकती हैं।
रेलवे और जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और यात्रियों की जान जोखिम में डालने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।




