कलिकाल में सात्विक कार्य की निरंतर ही तपस्या है : संजीव आकांक्षी
रसातल में डूबी पृथ्वी का उद्धार भी भगवान ने ही किया : रोशनी तिवारी
स्वामी नारदानंद ऋषि आश्रम में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के द्वितीय दिवस कथा व्यास रोशनी तिवारी ने आज परमेश्वर महिमा ब्रह्मांड की उत्पत्ति और नारायण के प्रारंभिक अवतारों के विषय में विस्तार से चर्चा की. आज की कथा में कहा गया कि रसातल में डूबी पृथ्वी पर केवल अवतार ही नहीं हुए स्वयं पृथ्वी का भी उद्धार भगवान ने अपनी लीलाओं से किया. सबसे पहले मत्स्य अवतार, उसके बाद कश्यप अवतार, फिर वराह अवतार और नरसिंह अवतार. इसी क्रम में जैसे-जैसे जीवन आगे बढ़ता है वैसे ही इस पृथ्वी पर भूमि जल से बाहर आती रही और निरंतर अवतारों की प्रक्रिया से इस सृष्टि की रचना हुई.
आज के कार्यक्रम में बाबा संजीव आकांक्षी ने कहा जिस प्रकार भक्ति का रूप धीरे-धीरे तपस्या में परिवर्तित हो जाता है वैसे ही निरंतर भजन पूजन परमात्मा का ध्यान और है श्रद्धा पूर्वक परमात्मा का ध्यान करने से निरंतर तपस्या का रूप ले लेता है और उसी तपस्या के प्रतिफल के रूप में ही भक्त ध्रुव ने वह परम पद प्राप्त किया जिसे प्राप्त करने के लिए जन्मो जन्म तपस्या करनी पड़ती है. ऐसे ही परमात्मा पर अटल विश्वास रखने वाले भक्त प्रहलाद ने भी परमात्मा के स्नेह, परमात्मा की कृपा को तब प्राप्त किया जब उन्होंने एक क्षण के लिए भी परमात्मा पर अपने विश्वास को हटने नहीं दिया. अनेक कठिनाइयों के उपरांत भी वह अपने स्थान से विचलित नहीं हुए. इससे हमें यह प्रेरणा मिलती है की निरंतर पूर्वक किया गया सात्विक कार्य एक समय आकर तपस्या का रूप धारण कर लेता है और हम तपस्वी के रूप में न केवल समाज में स्थापित होते हैं हमें अपने अभीष्ट की भी प्राप्ति होती है.
कथा उपरांत आज के मुख्य यजमान नीरज मित्तल एवं रचना मित्तल ने आरती एवं मंगल पूजन किया. आज के कार्यक्रम में प्रमुख रूप से वरिष्ठ भाजपा नेता मनोज गुप्ता, नाथूराम कश्यप, आश्रम के मार्गदर्शक मुन्ना गुरुजी, प्रमोद रस्तोगी, प्रेमनाथ यादव, पंकज शर्मा, नीरज मित्तल, अभय कश्यप, आदर्श भटनागर, राजकुमार गोस्वामी, अमित कृष्णात्र, अजय कट्टा, प्रत्यूष यादव एडवोकेट, शरद जैन, डॉली शर्मा, निधि शर्मा, राखी शर्मा, द्रौपदी कश्यप, रानी कश्यप, मुन्नी रस्तोगी, लक्ष्मी अग्रवाल आदि उपस्थित रहे. कथा के उपरांत भंडारे का आयोजन किया गया.




