रिंग बांध के हुए रिसाव पर
इंजीनियरों को मिली सफलता
कुशीनगर 30 सितम्बर। नेपाल से छोड़े जा रहे पानी गंडक नदी में दबाव के कारण कुशीनगर जिले के तमकुही राज तहसील में एपी बांध टूटता जा रहा है। 36 घंटे बाद भी कटान स्थल पर मरम्मत कराने की सफलता नहीं मिली। रिंग बांध पर हुए रिसाव पर प्रशासन को सफलता मिल गई।
अधिकारित सूत्रों के अनुसार सोमवार की देर रात 10:45 पर बांध का 20 मीटर हिस्सा टूटा था।
तटबंध टूटने की सूचना पर तटवर्ती गांवों को खाली कराने में अफसर जुट गए। टूटे तटबंध को ठीक करने का कार्य मंगलवार को सुबह पांच बजे तक चला, लेकिन बाढ़ खंड इंजीनियरों की टीम को सफलता नहीं मिली और कटान का दायरा बढ़ता गया।।मंगलवार की शाम तक दो सौ मीटर तक बांध कटकर पानी में समा गया था। इसके चलते 20 से ज्यादा गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। बंधा पर कटान स्थल से करीब 300 मीटर पहले रिंग बांध में भी बुधवार के भोर में करीब चार बजे से तेज रिसाव होने लगा। तीन घंटे की मशक्कत के बाद इंजीनियरों ने रिसाव को रोक दिया है। लेकिन इससे पूरे क्षेत्र में बाढ़ का दहशत भी है। बाढ़ खंड के इंजीनियरों का कहना है कि नदी का दबाव यहां पर कम है, इस लिए सफलता मिल गई, जहां एपी बंधा टूटा है, वहां नदी का एकतरफा दबाव बना है, नदी का पूरा मूवमेंट गांव की ओर हो गया है, इसलिए कटान स्थाल पर बचाव कार्य बेअसर है। पानी का बहाव इतना तेज है कि रात में बाढ़ की जद में आने वाले संभावित और भी गांवों को खाली प्रशासन की ओर से कराया जा रहा है।
गंडक नदी ( नारायणी नदी) में जलस्तर बढ़ने के बाद से खड्डा क्षेत्र की छितौनी नगर पंचायत के छह वार्ड के अलावा करीब 15 गांव में बाढ़ जैसे हालात हैं। यहां की करीब 50 हजार आबादी प्रभावित है। खड्डा से बिहार को जोड़ने वाले हाईवे पर भी पानी पहुंच गया है। नदी उस पार के गांवों में लोग पलायन कर रहे हैं लेकिन इस पार अपना सामान समेट कर जलस्तर घटने का इंतजार कर रहे हैं। पानी का अधिक दबाव होने के कारण कटान स्थाल पर बचाव कार्य पूरी तरह से प्रभावी नहीं हो पा रहा है। इस संबंध में जिलाधिकारी संजय चौहान ने बताया कि कुछ दूरी पर एक बंधे से अधिक रिसाव हो रहा था। वहां पर काबू पा लिया गया है। बाढ़ का पानी जिन गांवों में पहुंच सकता है। उन गांवों के लोगों को खाली कराने का निर्देश दे दिया गया है। कम्यूनिटी किचेन, गांवों में फंसे लोगों को रेस्क्यू कर निकालने के लिए एसडीआएफ,एनडीआरएफ की टीम लगी है। कंट्रोल रूम 24 घंटे एक्टिव है।



