#जमीन पर कब्जा बरकरार रखने और धारा 30(2) में पक्ष में राय के एवज में मांगी घूस, ट्रैप टीम पहुंची तो नोट जलाने का प्रयास करने का आरोप#
ललितपुर, (आलोक चतुर्वेदी) सरकारी दफ्तरों में काम कराने के लिए सुविधा शुल्क की शिकायतें भले ही आम हों, लेकिन ललितपुर में अब रिश्वतखोरी के मामलों में भ्रष्टाचार निवारण संगठन की कार्रवाई लगातार सुर्खियां बन रही है। शिक्षा विभाग से लेकर सिंचाई और राजस्व विभाग तक के कर्मचारियों पर ट्रैप कार्रवाई के बाद गुरुवार को राजस्व विभाग के एक लेखपाल की गिरफ्तारी ने एक बार फिर सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
भ्रष्टाचार निवारण संगठन की झांसी इकाई ने गुरुवार को ललितपुर में कार्रवाई करते हुए राजस्व लेखपाल विपुल तिवारी को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया। आरोप है कि लेखपाल ने ग्राम टौरिया स्थित जमीन पर शिकायतकर्ता का कब्जा बरकरार रखने और राजस्व की धारा 30(2) के तहत चल रही कार्रवाई में पक्ष में राय देने के एवज में रिश्वत मांगी थी।
20 हजार से शुरू हुई ‘बात’, 15 हजार पर सौदा तय होने का आरोप
भ्रष्टाचार निवारण संगठन के अनुसार ग्राम टौरिया पोस्ट बनवार निवासी मनोज कुमार पुत्र स्व. प्यारेलाल की जमीन गाटा संख्या 767, रकबा 0.408 हेक्टेयर में स्थित है। उपजिलाधिकारी न्यायालय के आदेश के क्रम में भूमि की हदबंदी के बाद शिकायतकर्ता ने मौके पर कब्जा कर पत्थर लगवाए थे।
आरोप है कि इसी दौरान क्षेत्रीय लेखपाल विपुल तिवारी ने शिकायतकर्ता को बताया कि उक्त गाटा संख्या में खातेदार मानसिंह और शिवराज की ओर से धारा 30(2) के तहत प्रार्थना पत्र दिया गया है और इस पर लेखपाल की राय लगनी है। शिकायतकर्ता द्वारा अपनी जमीन पर कब्जा बरकरार रखने की बात कहे जाने पर कथित रूप से 20 हजार रुपये रिश्वत की मांग की गई। बाद में 15 हजार रुपये में सौदा तय होने का आरोप है।
शिकायतकर्ता ने रिश्वत मांगने की शिकायत भ्रष्टाचार निवारण संगठन से की, जिसके बाद झांसी इकाई ने ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई।
टीम पहुंची तो दरवाजा बंद, नोट जलाने की कोशिश का आरोप
8 अक्टूबर को ट्रैप कार्रवाई के दौरान टीम आरोपी लेखपाल के किराए के आवास पर पहुंची। संगठन के अनुसार टीम को देखते ही आरोपी ने दरवाजा बंद कर लिया और अंदर रिश्वत की रकम के नोट जलाने का प्रयास किया।
टीम ने कार्रवाई करते हुए दरवाजा खुलवाया। कमरे से जले हुए नोटों के अवशेष और कुछ जले हुए नोट बरामद किए जाने की बात कही गई है। किचन के सिंक से भी जली हुई मुद्रा के अवशेष मिलने का उल्लेख है।
ट्रैप टीम ने आरोपी के हाथों का रासायनिक परीक्षण भी कराया। हाथ धुलवाने पर पानी का रंग गुलाबी होने की बात प्रेस नोट में कही गई है। मौके पर उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज और वीडियो को भी साक्ष्य के तौर पर शामिल किए जाने का उल्लेख है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई बढ़ी तो सवाल भी बढ़े
ललितपुर में हाल के दिनों में रिश्वतखोरी के मामलों में अलग-अलग विभागों के कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संगठन की कार्रवाई सामने आने के बाद अब सवाल यह है कि सरकारी काम की कीमत आखिर किसने तय कर रखी है?
कभी शिक्षा विभाग, कभी सिंचाई विभाग और अब राजस्व विभाग—एक के बाद एक सामने आ रही ट्रैप कार्रवाइयां सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार की शिकायतों पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। हालांकि प्रत्येक मामले में अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा, लेकिन लगातार हो रही कार्रवाई यह जरूर बताती है कि रिश्वत की शिकायतों को लेकर निगरानी एजेंसियां सक्रिय हैं।
‘नोट नहीं तो काम नहीं’ वाली मानसिकता पर चोट जरूरी
राजस्व संबंधी मामलों में आम नागरिक पहले ही अभिलेख, सीमांकन, दाखिल-खारिज और न्यायालयी प्रक्रियाओं के बीच परेशान रहता है। ऐसे में यदि किसी कर्मचारी पर काम कराने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप सामने आता है तो मामला और गंभीर हो जाता है।
लोगों की अपेक्षा है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ केवल ट्रैप कार्रवाई तक ही सीमित न रहकर ऐसे मामलों की विभागीय स्तर पर भी समीक्षा हो, ताकि यह पता लगाया जा सके कि शिकायतों की जड़ कहां है और सरकारी सेवाओं को रिश्वत से मुक्त बनाने के लिए क्या स्थायी कदम उठाए जा सकते हैं।
आरोपी को कोतवाली ले गई टीम
पकड़े गए लेखपाल की पहचान विपुल तिवारी पुत्र कन्हैयालाल तिवारी, निवासी ग्राम आगापुर, थाना आसपुर देवसरा, तहसील पट्टी, जनपद प्रतापगढ़ के रूप में हुई है। वर्तमान में वह आजादपुरा डमडम व्यास कॉलोनी में किराए के मकान में रह रहा था और राजस्व लेखपाल क्षेत्र टौरिया, ललितपुर में तैनात था।
कार्रवाई पूरी करने के बाद भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम आरोपी लेखपाल को थाना कोतवाली ले गई, जहां उसके खिलाफ सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर आवश्यक विधिक कार्रवाई की गई।
रिश्वत के ‘रेट’ पर लगाम नहीं, एक के बाद एक शिकंजा! 15 हजार लेते फिर एक और लेखपाल गिरफ्तार

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