कानपुर, 4 अक्टूबर। पुत्रमोह के कारण गर्भ में ही मार दी गई अजन्मी बेटियों की आत्मा की शांति और मोक्ष की कामना को लेकर रविवार को सरसैया घाट पर मातृशक्ति ने महातर्पण किया। युग दधीचि देहदान संस्थान के बैनर तले आयोजित इस अनूठे कार्यक्रम में 40 से अधिक महिलाओं ने पिंडदान और तर्पण कर कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक कुरीति के खिलाफ संदेश दिया।
आयोजन का दृश्य भावुक कर देने वाला था। मानो स्वर्ग की खिड़कियों से वे अजन्मी बेटियां धरती की ओर देख रही हों, जिन्हें समाज ने जन्म लेने से पहले ही छीन लिया। माताओं ने उन्हें जल अर्पित करते हुए उनके मोक्ष की कामना की।
कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व महापौर कैप्टन जगतवीर सिंह द्रोण ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। मुख्य अतिथि विधायक नीलिमा कटियार ने कहा कि यह आयोजन केवल अजन्मी बेटियों के लिए तर्पण नहीं, बल्कि कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक कुरीति का भी तर्पण है। बेटियों को जन्म लेने और सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार मिलना चाहिए।
समारोह संयोजक मनोज सेंगर एवं माधवी सेंगर ने अतिथियों का अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया। मुख्य पूजन राज्य महिला आयोग की सदस्य अनीता गुप्ता एवं पूनम द्विवेदी ने किया। कलश पूजन नंदिता मिश्रा एवं सुमित मिश्रा ने किया।
देवपूजन डॉ. सीमा श्रीवास्तव, डॉ. अलका दीक्षित, गीता बाजपेई एवं साधना महाना ने किया। पितृ पूजन पं. शेषनारायण त्रिवेदी ‘पप्पू भैया’ एवं डॉ. वीसी रस्तोगी ने कराया। गायत्री परिवार की पुष्पलता अवस्थी और उनकी सहयोगी बहनों ने भी तर्पण में भाग लिया।
डॉ. प्रतिभा बंधु, कामिनी दास, पुष्पलता मिश्रा, रमा राय, विमल राय, अंबिका श्रीवास्तव, सीमा अग्रवाल, प्रीति मिश्रा, कु. छाया, कु. गौरी, कु. श्रेया, सरला शुक्ला समेत 40 से अधिक महिलाओं ने अजन्मी बेटियों के लिए पिंडदान एवं तर्पण किया।
अमर शहीदों और देहदानियों को भी किया नमन
कार्यक्रम में अमर शहीदों एवं दिवंगत देहदानियों के लिए भी तर्पण किया गया। आयोजकों ने कहा कि जिन लोगों ने समाज और राष्ट्र के लिए अपना जीवन समर्पित किया, उन्हें श्रद्धापूर्वक स्मरण करना भी हमारा दायित्व है। अंत में पितरों की महाआरती के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
कार्यक्रम के स्वागताध्यक्ष अनिल राय एवं सुधीर महाना रहे। आयोजन में संजय भारती, रवि तिवारी, पं. सुमित मिश्रा ‘गोल्डी’, पीयूष, गौतम, अभिषेक, दीपक, शांतिभूषण यादव, उत्कर्ष एवं रिमझिम का विशेष सहयोग रहा।
धरती से माताओं ने पुकारा—बेटियों, स्वीकारो जलदान हमारा अजन्मी बेटियों के मोक्ष की कामना को सरसैया घाट पर हुआ अनूठा आयोजन

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