हरदोई 18 सितम्बर (वेबवार्ता) गुजीदेई के नर्मदेश्वर धाम में शुक्रवार की रात भक्ति और संगीत का ऐसा संगम बना कि समय का अहसास ही मिट गया। ढोलक की थाप पर थिरकते कदम, हारमोनियम से निकलते मधुर सुर और भजनों में डूबी आवाजों ने मंदिर परिसर को देर रात तक भक्तिरस में सराबोर रखा। भजन शुरू हुए तो श्रद्धालु महज श्रोता नहीं रहे, बल्कि सुरों के साथ स्वयं भक्ति के रंग में रंगते चले गए।नर्मदेश्वर धाम महादेव मंदिर में आयोजित भजन संध्या की पहल एवं संयोजन वरिष्ठ पत्रकार लक्ष्मीकान्त पाठक द्वारा किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के विभिन्न गांवों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से भजन-कीर्तन का आनंद लिया और भगवान नर्मदेश्वर महादेव की आराधना की।भजन संध्या में वाके लाल ने ढोलक पर लयकारी से माहौल में उत्साह भरा, जबकि बाबू खां और महेश ने हारमोनियम पर मधुर सुरों की संगत की। ढोलक और हारमोनियम की जुगलबंदी के बीच भजनों की प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को देर रात तक बांधे रखा। तालियों की गड़गड़ाहट के बीच कई श्रद्धालु भक्ति में भाव-विभोर होकर झूमते नजर आए।
आयोजन ने ग्रामीण अंचल की सामूहिक धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा की खूबसूरत तस्वीर भी प्रस्तुत की। समापन पर श्रद्धालुओं ने नर्मदेश्वर महादेव के चरणों में शीश नवाकर क्षेत्र की सुख-शांति, समृद्धि और जनकल्याण की कामना की।कार्यक्रम की खास बात यह थी इसमें जातिवाद हावी होता दिखाई नही दिया। सभी एक साथ दरी पर बैठकर भजनों का आनद लेते दिखाई दिये। इस अवसर पर राम नारायण गुप्ता, रामकिशोर गुप्ता, उमेश चंद्र त्रिवेदी और सुशील कुमार पाठक, शरदेंदू पाठक, प्रच्छित पाठक, हिमांशु पाठक, मनोज वाल्मीकि,बरगदिया से महेश राजपूत, कुलदीप, महेंद्र पाल, गिरिद राजपूत, जागेश्वर और लाला राम, परेली से जागेश्वर, रघुराई, अनमोल और ओमनिवास पाठक तथा सूरापुर से वाके लाल, शिशुपाल और खियासी समेत क्षेत्र के तमाम लोगों ने सहभागिता की।
गुजीदेई स्थित नर्मदेश्वर धाम में गूंजे भक्ति के सुर, भजनों पर देर रात तक झूमे श्रद्धालु

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