कुशीनगर 7 अक्टूबर। कुशीनगर में बांध टूटने से आई बाढ़ की त्रासदी के मामले में आठ दिन बाद मंगलवार को शासन ने एसडीओ दीप रतन सिंह व जेई रामचंद्र प्रसाद को निलंबित कर दिया। एपी बांध के चैनपट्टी ततवा टोले के पास बांध टूटने को लेकर सामने आई लापरवाही के बाद यह कार्रवाई हुई है। कार्रवाई का दायरा बढ़ने की भी चर्चा है, जिसमें कुछ और अधिकारी नप सकते हैं।
एपी और नरवा जोत बांध की सुरक्षा के लिए तीन परियोजनाएं स्वीकृत हुई थीं। जिस पर लगभग 33 करोड़ रुपये खर्च कर इन पर कार्य भी कराए गए। बावजूद इसके बांध टूट गया और 15 से अधिक गांवों में बाढ़ आ गई। ग्रामीण पलान कर बांध व अन्य सुरक्षित ठिकाने पर शरण लिए हुए हैं। बाढ़ के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीते 29 सितंबर को प्रभावित इस क्षेत्र के निरीक्षण व राहत सामग्री वितरण से ही कार्रवाई तय मानी जा रही थी।
दूसरी ओर ग्रामीणों का यह आरोप है कि, नियमित रखरखाव के लिए प्रतिवर्ष मिलने वाली धनराशि का भी उपयोग बांधों की सुरक्षा पर पूरी तरह से नहीं किया गया, जिससे बाढ़ का खतरा खड़ा हुआ है।
मुख्य अभियंता बाढ़ खंड विकास कुमार सिंह ने बताया कि, निलंबन को दंड नहीं माना जा सकता। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि लापरवाही के लिए वास्तविक रूप से कौन जिम्मेदार है। मेंटेनेंस फंड में प्राप्त धनराशि के उपयोग के सवाल पर कहा कि, यह अधिकार अधिशासी अभियंता के पास होता है।
यदि जांच में यह बात सामने आती है कि, बांध के रखरखाव पर धन खर्च को लेकर कोई अनियमितता हुई है तो इसकी भी जांच कराई जाएगी। शासन स्तर से निलंबन की कार्रवाई हुई है, सीधे मैं इस मामले में कुछ नही कह सकता।
33 करोड़ खर्च के बावजूद टूटा बांध, बाढ़ त्रासदी में एसडीओ और जेई निलंबित
- Advertisement -



