हरदोई (वेबवार्ता)। पैतृक भूमि की विरासत के लिए पांच लाख रुपये और हाईवे मुआवजे में 15 प्रतिशत कमीशन मांगने के आरोप ने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्राम कसरावां निवासी रमाकांत ने लेखपाल गजेंद्र सिंह और ग्राम प्रधान पर गंभीर आरोप लगाते हुए उप जिलाधिकारी से शिकायत की है। शिकायतकर्ता ने कथित बातचीत की रिकॉर्डिंग और ऑनलाइन लेनदेन के साक्ष्य होने का दावा किया है।
रमाकांत के मुताबिक, पिता की मृत्यु के बाद पैतृक भूमि की विरासत दर्ज कराने के नाम पर पांच लाख रुपये मांगे गए। वहीं, हाईवे की जद में आई भूमि के करीब 45 लाख रुपये के मुआवजे में 15 प्रतिशत कमीशन मांगने का आरोप भी लगाया है। शिकायतकर्ता ने दावा किया कि कथित बातचीत की रिकॉर्डिंग उसके पास है।
पांच हजार रुपये ऑनलाइन भेजने का आरोप
शिकायतकर्ता का आरोप है कि कागजी कार्रवाई के नाम पर पांच हजार रुपये किसी अन्य व्यक्ति के नंबर पर ऑनलाइन ट्रांसफर कराए गए। उसने लेनदेन का रिकॉर्ड होने की बात कही है। इसके अलावा, विरासत की कार्रवाई में करीब दस वर्षों से लापता बताए जा रहे एक व्यक्ति का मामला भी उठाते हुए नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
सवाल पूछने पर गाली-गलौज का आरोप
मामले में पक्ष जानने के लिए लेखपाल से बातचीत के दौरान अभद्रता और गाली-गलौज किए जाने का आरोप भी लगाया गया है। खबर लिखे जाने तक लेखपाल का आधिकारिक पक्ष स्पष्ट नहीं हो सका था।
रमाकांत ने एसडीएम और उच्चाधिकारियों से कथित रिश्वत मांगने, ऑनलाइन लेनदेन और रिकॉर्डिंग की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा बिना अवैध भुगतान के विरासत दर्ज कराने और नियमानुसार मुआवजा दिलाने की मांग की है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
विरासत के लिए 5 लाख, हाईवे मुआवजे में 15% कमीशन! लेखपाल पर गंभीर आरोप

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