राजगीर, 27 मई (वेब वार्ता)। बिहार के राजगीर मलमास मेले में सोमवार देर रात एक दर्दनाक हादसे ने मेले की खुशियों को मातम में बदल दिया। मेले में लगे ‘सुनामी झूले’ से गिरकर 25 वर्षीय युवक की मौत हो गई। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें युवक झूले से उछलकर नीचे गिरता दिखाई दे रहा है। हादसे के बाद मेले में अफरा-तफरी मच गई और प्रशासन ने एहतियात के तौर पर बड़े झूलों के संचालन पर तत्काल रोक लगा दी है।
मृतक की पहचान अमन कुमार के रूप में हुई है, जो नारदीगंज थाना क्षेत्र के बिक्कू गांव का निवासी था। वह अपने परिवार और चचेरे भाई प्रिंस के साथ मलमास मेला घूमने आया था। हादसे के समय उसका चचेरा भाई भी उसी झूले पर मौजूद था।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ‘सुनामी झूला’ जैसे ही तेज गति से घूमना शुरू हुआ, अमन का संतुलन बिगड़ गया। सामने आए वीडियो में दिखाई देता है कि झूला कुछ ही चक्कर लगा पाया था कि युवक अचानक सीट से बाहर निकल गया। वह पहले झूले के लोहे के पोल से टकराया और फिर करीब 15 फीट नीचे सिर के बल जमीन पर गिर पड़ा।
घटना के तुरंत बाद मेले में चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से घायल युवक को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। पहले उसे अनुमंडलीय अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद पावापुरी चिकित्सा महाविद्यालय रेफर किया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
हादसे के बाद परिजनों ने झूला संचालकों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि झूले की सुरक्षा बेल्ट सही ढंग से नहीं लगाई गई थी, जिसके कारण यह दुर्घटना हुई। परिजनों ने मामले में लापरवाही की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
वहीं पुलिस की प्रारंभिक जांच में एक अलग पहलू भी सामने आया है। अधिकारियों के अनुसार शुरुआती जानकारी में संकेत मिले हैं कि युवक झूला झूलते समय मोबाइल से सेल्फी या रील बनाने की कोशिश कर रहा था। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि हादसे की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
पुलिस ने झूला संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद मेला प्रशासन ने सुरक्षा मानकों की समीक्षा के आदेश दिए हैं और मेले में संचालित सभी बड़े झूलों की तकनीकी जांच शुरू करा दी गई है।
यह हादसा मेले और मनोरंजन स्थलों पर सुरक्षा मानकों को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर गया है। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।




