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RSS में भीड़ बढ़ी, लेकिन अच्छे लोगों की कमी; सरकार बनने के बाद हर अधिकारी खुद को RSS का बताने लगा – कैलाश विजयवर्गीय

भोपाल | राष्ट्रीय डेस्क | वेब वार्ता

Kailash Vijayvargiya RSS Statement को लेकर मध्य प्रदेश की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है। मध्य प्रदेश सरकार में नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद कई सरकारी अधिकारी स्वयं को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़ा बताने लगे हैं। उन्होंने कहा कि संगठन का विस्तार तो हुआ है, लेकिन इसके साथ ऐसे लोगों की भीड़ भी बढ़ी है, जिससे अच्छे लोगों की कमी महसूस हो रही है। उनके इस बयान के बाद कांग्रेस ने सरकार और आरएसएस को लेकर सवाल उठाए हैं, जबकि भाजपा की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

⚡ संक्षिप्त वार्ता (Quick Info)

  • भोपाल में कार्यक्रम के दौरान कैलाश विजयवर्गीय का बयान।
  • कहा- सरकार बनने के बाद हर अधिकारी खुद को RSS का बताने लगा।
  • संगठन में भीड़ बढ़ी, लेकिन अच्छे लोगों की कमी बताई।
  • कांग्रेस ने बयान को लेकर भाजपा और सरकार पर निशाना साधा।
  • भाजपा की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं।
  • बयान के बाद राजनीतिक बहस तेज हो गई है।

Kailash Vijayvargiya RSS Statement में क्या कहा?

भोपाल में आयोजित एक स्मृति कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद कई अधिकारी स्वयं उनके पास आकर यह बताते हैं कि वे या उनके परिवार के सदस्य आरएसएस से जुड़े रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले ऐसी बातें सामने नहीं आती थीं, लेकिन अब अनेक लोग स्वयं को संघ से जुड़ा बताने लगे हैं।

उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि कोई अधिकारी कहता है कि उसने शाखा में बेल्ट पहनी थी, तो कोई अपने पिता के संघ से जुड़े होने का दावा करता है। विजयवर्गीय ने कहा कि संगठन का विस्तार सकारात्मक है, लेकिन इसके साथ अवसरवाद भी बढ़ा है।

संगठन में अच्छे लोगों की कमी क्यों बताई?कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि संगठन और विचारधारा दोनों का विस्तार हुआ है, लेकिन यदि संगठन में अच्छे और समर्पित लोग कम होते जाएं तो विचारधारा के मूल उद्देश्य पर आत्ममंथन करना आवश्यक हो जाता है। उन्होंने पुराने कार्यकर्ताओं का उदाहरण देते हुए उनके समर्पण और व्यक्तित्व की भी सराहना की।

बयान की प्रमुख बातें

विषयविवरण
स्थानभोपाल
मुख्य वक्ताकैलाश विजयवर्गीय
मुख्य टिप्पणीसरकार बनने के बाद अधिकारी खुद को RSS का बताने लगे
दूसरी टिप्पणीसंगठन में भीड़ बढ़ी, अच्छे लोगों की कमी महसूस हो रही है
स्थितिबयान पर राजनीतिक प्रतिक्रिया जारी

कांग्रेस ने क्या प्रतिक्रिया दी?

कांग्रेस नेताओं ने विजयवर्गीय के बयान को भाजपा सरकार और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला बताया। विपक्ष का आरोप है कि यह बयान प्रशासनिक निष्पक्षता और वैचारिक पहचान को लेकर गंभीर प्रश्न उठाता है। कुछ कांग्रेस नेताओं ने इसे भाजपा सरकार का ‘आत्मस्वीकार’ भी बताया।

वहीं भाजपा की ओर से समाचार लिखे जाने तक इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई थी।

आगे क्या असर पड़ सकता है?कैलाश विजयवर्गीय का बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सत्ता और विपक्ष के बीच बयानबाजी तेज होने की संभावना है। हालांकि प्रशासनिक व्यवस्था या आरएसएस की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

सरकारी कर्मचारियों और आरएसएस को लेकर पहले भी रही है बहस

सरकारी कर्मचारियों की आरएसएस गतिविधियों में भागीदारी को लेकर पहले भी विभिन्न राज्यों और केंद्र स्तर पर समय-समय पर बहस होती रही है। पिछले वर्षों में इस विषय पर अलग-अलग सरकारों द्वारा लिए गए निर्णय राजनीतिक विमर्श का हिस्सा रहे हैं। विजयवर्गीय के ताजा बयान ने इस बहस को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

फिलहाल यह मामला राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित है और विभिन्न पक्षों की प्रतिक्रियाओं पर निगाह बनी हुई है।

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