बिना अनुमति लकड़ी से लदी पिकअप रोकने पर दरोगा समेत तीन पुलिसकर्मी निलंबित, विभागीय जांच के आदेश

हरदोई | लक्ष्मीकान्त पाठक | वेब वार्ता

Hardoi Police Suspension मामले में हरदोई पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए थाना कोतवाली देहात में तैनात एक उपनिरीक्षक (दरोगा) और दो आरक्षियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। आरोप है कि तीनों पुलिसकर्मियों ने बिना उच्चाधिकारियों की अनुमति एवं संज्ञान में लाए लकड़ी से लदी एक पिकअप गाड़ी को अवैध रूप से रोक लिया तथा वाहन चालक के साथ अभद्र व्यवहार किया। प्रथम दृष्टया मामला गंभीर पाए जाने पर विभागीय जांच के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।

⚡ संक्षिप्त वार्ता (Quick Info)

  • हरदोई में दरोगा समेत तीन पुलिसकर्मी निलंबित।
  • लकड़ी से लदी पिकअप को बिना अनुमति रोकने का आरोप।
  • वाहन चालक से अभद्र व्यवहार करने की भी शिकायत।
  • एसपी अशोक कुमार मीणा ने तत्काल निलंबन के आदेश दिए।
  • पूरे मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
  • जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

Hardoi Police Suspension मामले में क्या है पूरा घटनाक्रम?

प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना कोतवाली देहात में तैनात पुलिसकर्मियों द्वारा लकड़ी से लदी एक पिकअप गाड़ी को बिना सक्षम अधिकारियों के संज्ञान में लाए रोक लिया गया। आरोप है कि इस दौरान वाहन चालक के साथ अभद्र व्यवहार भी किया गया। मामले की सूचना मिलने पर पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने तत्काल संज्ञान लिया।

प्रथम दृष्टया आरोपों को गंभीर मानते हुए संबंधित उपनिरीक्षक और दोनों आरक्षियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया तथा पूरे प्रकरण की विभागीय जांच बैठा दी गई है।

पुलिस अधीक्षक ने कार्रवाई क्यों की?पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि बिना अनुमति कार्रवाई करना, अधिकारों का दुरुपयोग करना अथवा आमजन के साथ अभद्र व्यवहार करना पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली के विपरीत है। ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही या मनमानी स्वीकार नहीं की जाएगी।

कार्रवाई का विवरण

बिंदुविवरण
जनपदहरदोई
थानाकोतवाली देहात
निलंबित कर्मीएक उपनिरीक्षक एवं दो आरक्षी
मुख्य आरोपबिना अनुमति वाहन रोकना एवं अभद्र व्यवहार
अगली कार्रवाईविभागीय जांच रिपोर्ट के आधार पर निर्णय

एसपी ने अनुशासन और जवाबदेही पर दिया जोर

पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने कहा कि जनपद में सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने कर्तव्यों का निर्वहन नियमों तथा उच्चाधिकारियों के निर्देशों के अनुरूप करना होगा। किसी भी कर्मचारी द्वारा मनमानी, अधिकारों का दुरुपयोग या अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने सभी पुलिसकर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि ड्यूटी के दौरान पारदर्शिता, जवाबदेही और आमजन के प्रति शालीन व्यवहार बनाए रखें।

आगे क्या होगा?विभागीय जांच में यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित पुलिसकर्मियों के विरुद्ध विभागीय नियमों के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। वहीं यदि जांच में अन्य तथ्य सामने आते हैं तो उसी आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

अनुशासन बनाए रखने का सख्त संदेश

पुलिस अधीक्षक ने चेतावनी दी कि ड्यूटी के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही, शिथिलता अथवा अनुशासनहीनता पाए जाने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध कठोर विभागीय एवं दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। विभाग में इस कार्रवाई को अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

पुलिस प्रशासन का कहना है कि निष्पक्ष जांच के बाद दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी, जिससे आमजन का पुलिस व्यवस्था पर विश्वास बना रहे।

 

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