रोहतक/गुरुग्राम, 10 जुलाई (वेब वार्ता)। गुरुग्राम के सुशांत लोक क्षेत्र में देर रात पुलिस मुठभेड़ में मारे गए तीनों युवक रोहतक जिले के भालौठ गांव के निवासी थे। इनमें 22 वर्षीय नितिन, 18 वर्षीय अंकित और 17 वर्षीय आर्यन शामिल हैं। घटना के बाद पूरे गांव में शोक और सन्नाटे का माहौल है। परिजन और ग्रामीण इस बात से हैरान हैं कि दोनों छात्र गुरुग्राम कैसे पहुंचे और किन परिस्थितियों में इस घटना का हिस्सा बने।
ग्रामीणों के अनुसार, नितिन पहले भी पुलिस पर गोली चलाने के एक मामले में जेल जा चुका था। वह वर्तमान में मोटरसाइकिल मिस्त्री के रूप में काम करता था। उसके पिता संजय परिवहन व्यवसाय से जुड़े हैं।
वहीं, 17 वर्षीय आर्यन बारहवीं कक्षा का छात्र था और किलोई स्थित राजकीय विद्यालय में पढ़ाई कर रहा था। उसके पिता प्रदीप वित्तीय कारोबार से जुड़े हैं, जबकि परिवार की जिम्मेदारी उसकी मां कमलेश संभाल रही हैं।
18 वर्षीय अंकित भी पढ़ाई कर रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि उसका किसी आपराधिक गतिविधि से कोई संबंध सामने नहीं आया था। आर्यन और अंकित के मुठभेड़ में मारे जाने की खबर से गांव के लोग स्तब्ध हैं और घटना को लेकर कई सवाल उठा रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि नितिन के खिलाफ पहले से आपराधिक मामला होने की जानकारी थी, लेकिन आर्यन और अंकित के बारे में ऐसी कोई जानकारी कभी सामने नहीं आई। ऐसे में यह समझ से परे है कि दोनों छात्र किस कारण गुरुग्राम पहुंचे और किन परिस्थितियों में पुलिस मुठभेड़ में उनकी मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलने के बाद तीनों युवकों के परिजन और भालौठ गांव के सरपंच कुलदीप गुरुग्राम के लिए रवाना हो गए, जहां वे शवों को लेने की प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं।
उधर, पुलिस का कहना है कि सुशांत लोक क्षेत्र में हुई मुठभेड़ के दौरान तीनों युवक मारे गए। हालांकि, पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच जारी है और पुलिस मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।




