रायपुर, 04 जून (वेब वार्ता)। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) भर्ती विवाद की जांच में नया मोड़ आ गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने प्रदेश के विभिन्न शहरों में एक साथ व्यापक छापेमारी कर महत्वपूर्ण दस्तावेज, नकदी और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जब्त किए हैं। एजेंसी अब इन सामग्रियों के आधार पर भर्ती प्रक्रिया से जुड़े कथित वित्तीय लेनदेन और अनियमितताओं की गहन जांच कर रही है।
सूत्रों के अनुसार, ईडी ने रायपुर, भिलाई समेत राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में कुल नौ स्थानों पर कार्रवाई की। यह छापेमारी भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और संदिग्ध आर्थिक लेनदेन की जांच के तहत की गई।
जांच के दौरान कई पूर्व अधिकारियों और उनसे जुड़े व्यक्तियों के आवासों तथा अन्य परिसरों की तलाशी ली गई। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में दस्तावेजों और डिजिटल उपकरणों की जांच की गई, जिन्हें एजेंसी ने अपने कब्जे में ले लिया है।
नकदी और डिजिटल उपकरण जब्त
जानकारी के मुताबिक, पूर्व सीजीपीएससी अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी से जुड़े बताए जा रहे उत्कर्ष चंद्राकर के ठिकाने से करीब आठ लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं। इसके अलावा लैपटॉप, मोबाइल फोन, डिजिटल स्टोरेज उपकरण और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं।
ईडी इन डिजिटल उपकरणों और दस्तावेजों का तकनीकी विश्लेषण कर रही है, ताकि भर्ती प्रक्रिया और कथित आर्थिक लेनदेन से जुड़े तथ्यों का पता लगाया जा सके।
कई पूर्व अधिकारियों तक पहुंची जांच
सूत्रों के अनुसार जिन लोगों के परिसरों पर जांच की गई, उनमें पूर्व सीजीपीएससी अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी, पूर्व सचिव जीवन किशोर ध्रुव, पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक और पूर्व आईएएस अधिकारी अमृत खलखो सहित अन्य संबंधित व्यक्तियों के नाम शामिल हैं।
जांच टीमों ने कई घंटों तक दस्तावेजों की जांच की और संबंधित लोगों से पूछताछ भी की। अधिकारियों ने मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी एकत्र की है।
भर्ती प्रक्रिया की जांच पर सबकी नजर
सीजीपीएससी भर्ती विवाद पिछले कुछ समय से राज्य की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। आरोप हैं कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान नियमों की अनदेखी कर कुछ उम्मीदवारों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया।
हालांकि मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे। ईडी का कहना है कि जब्त दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की विस्तृत जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल एजेंसी भर्ती प्रक्रिया से जुड़े आर्थिक पहलुओं, संभावित धन प्रवाह और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की पड़ताल में जुटी हुई है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच एजेंसियां प्रत्येक तथ्य की सावधानीपूर्वक जांच कर रही हैं।




