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बांग्लादेश में मैच-फिक्सिंग और स्पॉट-फिक्सिंग पर शिकंजा, नए कानून में 7 साल तक की जेल का प्रावधान

ढाका | खेल डेस्क | वेब वार्ता

Bangladesh Gambling Prevention Bill 2026 के लागू होने की दिशा में बांग्लादेश ने बड़ा कदम उठाया है। संसद में पेश किए गए इस विधेयक में पहली बार मैच-फिक्सिंग और स्पॉट-फिक्सिंग को आपराधिक अपराध बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। प्रस्तावित कानून के तहत दोषी पाए जाने पर अधिकतम सात वर्ष की जेल, एक करोड़ टका तक का जुर्माना या दोनों सजाएं दी जा सकेंगी। यह विधेयक केवल क्रिकेट ही नहीं, बल्कि खेलों में बढ़ते भ्रष्टाचार, ऑनलाइन सट्टेबाजी और अवैध जुए पर भी सख्त कार्रवाई का रास्ता तैयार करेगा।

⚡ संक्षिप्त वार्ता (Quick Info)

  • बांग्लादेश संसद में Gambling Prevention Bill 2026 पेश किया गया।
  • मैच-फिक्सिंग और स्पॉट-फिक्सिंग को आपराधिक अपराध बनाने का प्रस्ताव।
  • दोषियों को सात वर्ष तक की जेल और एक करोड़ टका तक जुर्माना हो सकता है।
  • ऑनलाइन सट्टेबाजी, बेटिंग और मनी लॉन्ड्रिंग पर भी सख्त प्रावधान।
  • साइबर ट्रिब्यूनल और सक्षम अदालतों में मामलों की सुनवाई होगी।
  • संदिग्ध वेबसाइट, ऐप, बैंक खाते और डिजिटल वॉलेट ब्लॉक करने का अधिकार मिलेगा।

Bangladesh Gambling Prevention Bill 2026 में क्या हैं प्रमुख प्रावधान?

गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने 24 जून को संसद में यह विधेयक पेश किया। इसका उद्देश्य वर्ष 1867 के पुराने पब्लिक गैंबलिंग एक्ट की जगह आधुनिक कानून लागू करना है, जिससे ऑनलाइन जुआ, सट्टेबाजी, मैच-फिक्सिंग और स्पॉट-फिक्सिंग जैसे अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।

प्रस्तावित कानून के तहत इन अपराधों को संज्ञेय (Cognizable), गैर-जमानती (Non-Bailable) और गैर-समझौतायोग्य (Non-Compoundable) श्रेणी में रखा जाएगा, जिससे जांच एजेंसियों को अधिक कानूनी अधिकार मिलेंगे।

नए कानून की आवश्यकता क्यों महसूस हुई?पिछले कुछ वर्षों में ऑनलाइन सट्टेबाजी और खेलों में भ्रष्टाचार के मामलों में वृद्धि हुई है। इसी को देखते हुए सरकार ने ऐसा व्यापक कानून लाने की पहल की है, जिससे खेलों की निष्पक्षता बनाए रखने के साथ डिजिटल जुए और अवैध आर्थिक गतिविधियों पर भी रोक लगाई जा सके।

बीसीबी ने कानून का किया स्वागत

बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) की इंटीग्रिटी यूनिट लंबे समय से मैच-फिक्सिंग को आपराधिक अपराध घोषित करने की मांग कर रही थी। बीसीबी इंटीग्रिटी यूनिट के जनरल काउंसिल बैरिस्टर माहिन एम. रहमान ने कहा कि प्रस्तावित कानून के तहत मैच-फिक्सिंग और स्पॉट-फिक्सिंग करने वालों के खिलाफ सात वर्ष तक की कैद और भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि बीसीबी की इंटीग्रिटी यूनिट को कानूनी रूप से अधिक अधिकार दिए जाएं ताकि भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में वह सीधे कार्रवाई कर सके।

प्रमुख प्रावधान एक नजर में

प्रावधानविवरण
अधिकतम सजा7 वर्ष तक की जेल
अधिकतम जुर्माना1 करोड़ टका
मुख्य अपराधमैच-फिक्सिंग, स्पॉट-फिक्सिंग, ऑनलाइन बेटिंग, जुआ
सुनवाईसाइबर ट्रिब्यूनल एवं सक्षम अदालतें
अतिरिक्त अधिकारवेबसाइट, ऐप, बैंक खाते, डिजिटल वॉलेट और आईपी ब्लॉक करने की शक्ति

डिजिटल ब्लैकलिस्ट और वित्तीय निगरानी पर भी जोर

प्रस्तावित कानून में राष्ट्रीय डिजिटल ब्लैकलिस्ट बनाने का भी प्रावधान किया गया है। इसमें संदिग्ध व्यक्तियों के राष्ट्रीय पहचान पत्र, बैंक खाते, मोबाइल फाइनेंशियल सर्विस (एमएफएस) खाते, डिजिटल वॉलेट, क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट, वेबसाइट, मोबाइल एप्लिकेशन, डोमेन और आईपी एड्रेस जैसी जानकारियां दर्ज की जा सकेंगी।

इसके अलावा अदालतों को संदिग्ध बैंक खातों, डिजिटल वॉलेट और भुगतान गेटवे को फ्रीज या बंद करने का अधिकार भी दिया जाएगा, जिससे अवैध आर्थिक गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सके।

खेल जगत पर क्या पड़ेगा असर?यदि यह विधेयक कानून का रूप लेता है तो बांग्लादेश में खेलों की पारदर्शिता और निष्पक्षता को मजबूत आधार मिलेगा। साथ ही मैच-फिक्सिंग, ऑनलाइन सट्टेबाजी और खेलों में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई पहले की तुलना में कहीं अधिक प्रभावी हो सकेगी।

स्थायी समिति करेगी विधेयक की समीक्षा

विधेयक को फिलहाल कानून, न्याय एवं संसदीय मामलों की संसदीय स्थायी समिति के पास भेजा गया है। समिति को पांच कार्य दिवस के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी है। इसके बाद आवश्यक संशोधनों के साथ इसे संसद में पारित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

यदि यह कानून लागू होता है तो बांग्लादेश दक्षिण एशिया के उन देशों में शामिल होगा, जहां मैच-फिक्सिंग और स्पॉट-फिक्सिंग को स्पष्ट रूप से आपराधिक अपराध माना जाएगा।

 

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