नई दिल्ली, 15 सितंबर 2026 (वेब वार्ता)। एशिया कप में ट्रॉफी को लेकर एक बार फिर विवाद सामने आया है। रविवार, 13 सितंबर को भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने फाइनल में श्रीलंका को हराकर 2026 महिला एशिया कप का खिताब अपने नाम किया। हालांकि, खिताब जीतने के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने एशियाई क्रिकेट परिषद के अध्यक्ष मोहसिन नकवी के हाथों ट्रॉफी लेने से परहेज किया। इस घटना के बाद भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी मदन लाल ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
मदन लाल ने लगातार दूसरे एशिया कप में ट्रॉफी को लेकर सामने आए इस घटनाक्रम पर नाराजगी जताते हुए कहा कि अगर भारत को पाकिस्तान से जुड़े आयोजनों में ट्रॉफी लेने को लेकर आपत्ति है, तो उसे पाकिस्तान के खिलाफ मैच ही नहीं खेलना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह फैसला भारतीय क्रिकेट बोर्ड का है।
मदन लाल ने क्या कहा?
मदन लाल ने सोमवार को सामाजिक माध्यम पर एक पोस्ट के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने लिखा, “एक बार फिर वही पुरानी कहानी। अगर हम इसी तरह का व्यवहार करेंगे तो हमें पाकिस्तान के खिलाफ किसी भी ट्रॉफी में नहीं खेलना चाहिए। मुझे पता है कि यह बोर्ड का फैसला है।”
उनकी यह टिप्पणी इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि पिछले वर्ष पुरुष एशिया कप के दौरान भी ऐसा ही घटनाक्रम देखने को मिला था। भारतीय टीम ने पाकिस्तान को फाइनल में हराकर खिताब जीता था, लेकिन उस समय भी खिलाड़ियों ने मोहसिन नकवी से ट्रॉफी स्वीकार नहीं की थी।
महिला एशिया कप में भी दोहराया गया घटनाक्रम
इस बार भारतीय महिला टीम ने श्रीलंका को हराकर एशिया कप की ट्रॉफी जीती। फाइनल में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहले बल्लेबाजी की और निर्धारित 20 ओवर में पांच विकेट पर 183 रन बनाए।
भारत की पारी में शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना ने शानदार शुरुआत दिलाई। दोनों ने पहले विकेट के लिए 129 रन की बड़ी साझेदारी की, जिसने भारत को मजबूत स्कोर तक पहुंचाने की नींव रखी।
184 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी। पूरी टीम 20 ओवर में 111 रन पर सिमट गई। भारत की ओर से श्री चरणी ने शानदार गेंदबाजी करते हुए चार विकेट हासिल किए। इस तरह भारतीय टीम ने 72 रन से मुकाबला जीतकर खिताब अपने नाम किया।
पाकिस्तान के खिलाफ मैच को लेकर क्या है भारत की नीति?
मदन लाल की टिप्पणी के बाद भारत-पाकिस्तान क्रिकेट संबंधों को लेकर एक बार फिर बहस शुरू हो गई है। दोनों देशों की क्रिकेट टीमों के बीच वर्ष 2012-13 के बाद से कोई द्विपक्षीय श्रृंखला नहीं खेली गई है। इसके बाद से दोनों टीमें केवल बहुराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में ही आमने-सामने आती रही हैं।
वर्तमान नीति के तहत भारत बहुराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पाकिस्तान के खिलाफ खेलने से परहेज नहीं करता। हालांकि, भारतीय टीम पाकिस्तान की धरती पर जाकर खेलने से बचती रही है।
ऐसे में मदन लाल की टिप्पणी इस बहस को एक अलग दिशा देती है। उन्होंने ट्रॉफी स्वीकार करने के विवाद और पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले के बीच संबंध पर सवाल उठाते हुए कहा है कि यदि इस तरह का व्यवहार जारी रहता है, तो पाकिस्तान के खिलाफ मैच खेलने पर भी पुनर्विचार किया जाना चाहिए।
लगातार दूसरी बार सामने आया विवाद
एशिया कप के लगातार दो संस्करणों में ट्रॉफी को लेकर सामने आए घटनाक्रम ने भारतीय क्रिकेट में नई बहस छेड़ दी है। एक ओर भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मुकाबले बहुराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में आयोजित होते हैं, वहीं दूसरी ओर दोनों देशों के बीच राजनीतिक और कूटनीतिक तनाव का असर क्रिकेट पर भी दिखाई देता है।
महिला एशिया कप के फाइनल में भारतीय टीम ने मैदान पर शानदार प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका को एकतरफा अंदाज में मात दी, लेकिन पुरस्कार समारोह के दौरान ट्रॉफी को लेकर हुआ घटनाक्रम चर्चा का प्रमुख विषय बन गया। अब मदन लाल की प्रतिक्रिया ने इस विवाद को और तूल दे दिया है।




