पीएम मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों की वार्ता: यूक्रेन युद्ध को जल्द समाप्त करने पर जोर

नई दिल्ली, (वेब वार्ता)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने शनिवार को फोन पर बातचीत की, जिसमें यूक्रेन युद्ध को जल्द समाप्त करने के प्रयासों पर चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने वैश्विक शांति, स्थिरता और सहयोग को मजबूत करने पर विचार साझा किए। यह वार्ता हाल की अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक गतिविधियों के बीच महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जहां भारत को शांति प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए देखा जा रहा है।

यूक्रेन युद्ध पर चर्चा: शांति के प्रयासों का समर्थन

वार्ता के दौरान मैक्रों ने पीएम मोदी को पेरिस में आयोजित ‘कोअलिशन ऑफ द विलिंग’ बैठक के परिणामों के बारे में बताया, जिसमें यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर जेलेंस्की और 31 देशों के प्रतिनिधियों ने यूक्रेन को रूस के खिलाफ मजबूत बनाने पर चर्चा की। पीएम मोदी ने यूक्रेन में संघर्ष को शीघ्र समाप्त करने के प्रयासों का समर्थन दोहराया और संवाद व कूटनीति के माध्यम से शांतिपूर्ण समाधान पर जोर दिया।

पीएम मोदी ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट किया:

“मैक्रों के साथ बहुत अच्छी बातचीत हुई। हमने द्विपक्षीय सहयोग की प्रगति की समीक्षा की और यूक्रेन संघर्ष को शीघ्र समाप्त करने के प्रयासों सहित अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचार साझा किए। भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी वैश्विक शांति और स्थिरता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।”

मैक्रों ने भी एक्स पर प्रतिक्रिया दी:

“मैंने अभी प्रधानमंत्री मोदी से बात की। मैंने जेलेंस्की और कोअलिशन ऑफ द विलिंग के सहयोगियों के साथ पेरिस में किए गए कार्यों के परिणाम बताए। भारत और फ्रांस न्यायपूर्ण और स्थायी शांति प्राप्त करने के लिए एकजुट हैं। हमारी मित्रता और रणनीतिक साझेदारी शांति की राह को मजबूत करेगी।”

यह वार्ता पिछले महीने की SCO शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात के बाद हुई है, जहां मोदी ने शांति के लिए भारत की भूमिका पर जोर दिया था। यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने भी हाल ही में मोदी से बात की थी, और भारत को रूस को शांति का संदेश पहुंचाने के लिए कहा था।

द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा: रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर सहमति

दोनों नेताओं ने भारत-फ्रांस द्विपक्षीय सहयोग की प्रगति की सकारात्मक समीक्षा की, जिसमें अर्थव्यवस्था, रक्षा, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष और ऊर्जा जैसे क्षेत्र शामिल हैं। उन्होंने होराइजन 2047 रोडमैप, इंडो-पैसिफिक रोडमैप और रक्षा औद्योगिक रोडमैप के अनुरूप साझेदारी को और मजबूत करने पर सहमति जताई।

पीएम मोदी ने मैक्रों को फरवरी 2026 में भारत द्वारा आयोजित AI इम्पैक्ट समिट में भाग लेने के निमंत्रण के लिए धन्यवाद दिया और उनकी भारत यात्रा का स्वागत करने की अपेक्षा जताई। मैक्रों ने 2026 में फ्रांस की G7 अध्यक्षता और भारत की BRICS अध्यक्षता के लिए निकट सहयोग पर जोर दिया।

वैश्विक संदर्भ: शांति और स्थिरता के लिए सहयोग

यह वार्ता अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की यूक्रेन शांति पहल के बीच हुई है, जहां ट्रंप ने पुतिन और जेलेंस्की से अलग-अलग मुलाकात की। यूरोपीय संघ की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भी हाल ही में मोदी से बात की और भारत को रूस पर दबाव डालने के लिए कहा। भारत ने हमेशा यूक्रेन में शांति के लिए संवाद का समर्थन किया है, और यह वार्ता भारत की कूटनीतिक भूमिका को मजबूत करती है।

दोनों नेताओं ने वैश्विक शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए निरंतर संपर्क में रहने और निकट सहयोग पर सहमति जताई।

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