असम में 27 हज़ार करोड़ की सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री लग रही है: शाह

डेरगाँव (असम)/नई दिल्ली, (वेब वार्ता)। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि जिस असम में पहले केवल आंदोलन, उग्रवाद व गोलीबारी की चर्चा होती थी, वहां आज 27 हज़ार करोड़ रुपए लागत वाली सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री लग रही है।

श्री शाह ने शनिवार को असम के डेरगाँव में लचित बोरफुकन पुलिस अकादमी का लोकार्पण किया। इस अवसर पर असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंता बिस्वा सरमा और केन्द्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

उन्होंने कहा कि अगले पांच वर्षों में देशभर की पुलिस अकादमियों में लचित बोरफुकन पुलिस अकादमी प्रथम स्थान पर होगी। उन्होंने कहा कि असम के वीर सेनानी और सपूत लचित बोरफुकन जी ने असम को मुगलों के खिलाफ विजय दिलाई थी। उन्होंने कहा कि महान योद्धा लचित बोरफुकन को सिर्फ असम तक सीमित रखा गया था लेकिन आज उनकी जीवनी 23 भाषाओं में देशभर के पुस्तकालयों में बच्चों के लिए उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि लचित बोरफुकन पुलिस एकेडमी के रूप में आज जो बीज बोया गया है एक दिन वह बहुत बड़ा वटवृक्ष बन पूरे देश की पुलिसिंग को छाया देगा।

गृह मंत्री ने कहा कि यह एकेडमी न केवल असम बल्कि पूरे पूर्वोत्तर की पुलिसिंग के लिए काशी के समान एक तीर्थ बनेगी और यहीं से शांति की एक नई शुरुआत होगी।

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि लचित बोरफुकन अकादमी का पहला चरण 167 करोड़ रुपए की लागत से पूरा किया गया है और तीनों चरणों पर कुल 1050 करोड़ रूपए खर्च होंगे। उन्होंने कहा कि इस अकादमी में कई प्रकार की अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं और यह अकादमी पूरे भारत की सबसे अच्छी पुलिस अकादमी बनेगी। उन्होंने कहा कि पहले असम की पुलिस अन्य राज्यों में ट्रेनिंग के लिए जाती थी, लेकिन पिछले आठ साल में राज्य के शासन में ऐसा परिवर्तन हुआ कि अब इस पुलिस अकादमी में गोवा और मणिपुर के दो हज़ार पुलिसकर्मियों ने ट्रेनिंग ली है।

श्री शाह ने कहा कि असम अब विकास के रास्ते पर आगे बढ रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्ष में कई शांति समझौते हुए हैं। 2020 में असम-बोड़ोलैंड समझौता, 2021 में कार्बी आंगलोंग समझौता, 2022 में आदिवासी शांति समझौता, 2023 में उल्फा, असम मेघालय और असम-अरुणाचल समझौते हुए।

श्री शाह ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा किए गए इन शांति समझौतों के कारण 10 हज़ार से ज़्यादा युवा हथियार डालकर मुख्यधारा में आए हैं। उन्होंने कहा कि जिस असम में एक ज़माने में आंदोलन, उग्रवाद और गोलीबारी की चर्चा होती थी वहां आज सबसे आधुनिक 27 हज़ार करोड़ रुपए की लागत वाली सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री लगने का काम हो चुका है।

श्री शाह ने कहा कि हाल ही में असम में निवेश के लिए हुए सम्मेलन में पांच लाख 18 हज़ार करोड़ के समझौते हुए हैं।

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