कोल्हापुर | राष्ट्रीय डेस्क | वेब वार्ता
Samata Dindi के माध्यम से सामाजिक न्याय, समानता और समरसता का संदेश देते हुए शनिवार को कोल्हापुर में राजर्षी छत्रपति शाहू महाराज की जयंती ‘सामाजिक न्याय दिवस’ के रूप में उत्साहपूर्वक मनाई गई। जिला प्रशासन एवं समाज कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित भव्य समता दिंडी को पालक मंत्री प्रकाश आबिटकर ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, विद्यार्थियों, सामाजिक संगठनों तथा हजारों नागरिकों ने भाग लेकर शाहू महाराज के सामाजिक न्याय और समानता के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
- कोल्हापुर में सामाजिक न्याय दिवस पर भव्य समता दिंडी निकाली गई।
- पालक मंत्री प्रकाश आबिटकर ने हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया।
- शाहू महाराज के सामाजिक न्याय और समानता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाया गया।
- दिंडी में विद्यार्थी, सामाजिक संस्थाएं और हजारों नागरिक शामिल हुए।
- चित्ररथ, ढोल-ताशा, लेझीम और ग्रंथपालखी आकर्षण का केंद्र रहे।
- महात्मा फुले और डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं पर भी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
Samata Dindi का शुभारंभ कैसे हुआ?
दसरा चौक से शुरू हुई समता दिंडी का शुभारंभ पालक मंत्री प्रकाश आबिटकर ने हरी झंडी दिखाकर किया। इस दौरान सांसद शाहू छत्रपति महाराज, जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों तथा समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने भी भाग लिया। सभी ने पहले राजर्षी शाहू महाराज की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम का उद्देश्य सामाजिक न्याय, समान अवसर और समरस समाज के निर्माण के लिए शाहू महाराज के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना रहा।
दिंडी ने शहर के प्रमुख स्थलों का किया भ्रमण
समता दिंडी ने व्हीनस कॉर्नर, माईसाहेब स्मारक, बिंदू चौक, महात्मा ज्योतिराव फुले एवं भारतरत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं सहित विभिन्न प्रमुख स्थलों पर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद दिंडी छत्रपति शिवाजी महाराज चौक, महानगरपालिका परिसर और गंगाराम कांबळे स्मारक होते हुए सीपीआर मार्ग से वापस दसरा चौक पहुंची।
पूरे मार्ग में सामाजिक समरसता और समानता के संदेश से जुड़े नारों तथा सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
कार्यक्रम की मुख्य झलकियां
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| अवसर | सामाजिक न्याय दिवस |
| मुख्य आयोजन | समता दिंडी |
| स्थान | कोल्हापुर, महाराष्ट्र |
| मुख्य आकर्षण | चित्ररथ, ढोल-ताशा, लेझीम, ग्रंथपालखी |
| प्रतिभागी | विद्यार्थी, सामाजिक संस्थाएं, अधिकारी एवं हजारों नागरिक |
सांस्कृतिक झांकियों ने आकर्षित किया लोगों का ध्यान
दिंडी में पारंपरिक वेशभूषा, ढोल-ताशा, लेझीम दल, हलगी वादन और राजर्षी शाहू महाराज के जीवन एवं सामाजिक सुधारों पर आधारित चित्ररथ प्रमुख आकर्षण रहे। इसके अलावा महापुरुषों के साहित्य से सुसज्जित ग्रंथपालखी ने भी लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित किया।
कार्यक्रम में शासकीय छात्रावासों, आश्रमशालाओं, एनएसएस, एनसीसी, महिला समूहों, सामाजिक संगठनों, वरिष्ठ नागरिकों, तृतीयपंथी समुदाय, पत्रकारों तथा विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
बड़ी संख्या में नागरिक हुए शामिल
समाज कल्याण विभाग के सहायक आयुक्त सचिन साळे ने कार्यक्रम में शामिल सभी प्रतिभागियों, सामाजिक संस्थाओं और नागरिकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय दिवस पर मिला जनसमर्थन शाहू महाराज के विचारों के प्रति समाज की आस्था को दर्शाता है।
आयोजकों के अनुसार भविष्य में भी सामाजिक समरसता और जनजागरण से जुड़े ऐसे कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाएंगे।




