नाशिक, 24 मई (वेब वार्ता)। महाराष्ट्र के नाशिक जिले के आडगांव क्षेत्र में एक बेहद दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। घर में खेल रही एक वर्षीय बच्ची की पानी से भरी बाल्टी में गिरने से मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया, जबकि पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार हिंदवी दत्तात्रय भोसले शुक्रवार दोपहर अपने घर में खेल रही थी। खेलते-खेलते वह बाथरूम तक पहुंच गई, जहां पानी से भरी बाल्टी रखी हुई थी। बताया गया कि बच्ची ने बाल्टी में झांकने का प्रयास किया, लेकिन कम उम्र और असंतुलन के कारण वह सीधे बाल्टी में गिर गई।
परिजनों ने बताया कि कुछ समय तक बच्ची नजर नहीं आने पर घर के सदस्यों ने उसकी तलाश शुरू की। इसी दौरान पिता दत्तात्रय भोसले की नजर बाथरूम में पड़ी और उन्होंने तत्काल बच्ची को बाल्टी से बाहर निकाला। आनन-फानन में उसे उपचार के लिए आडगांव स्थित वसंतराव पवार चिकित्सा महाविद्यालय ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। आसपास के लोगों ने भी इस हादसे पर गहरा दुख जताया है। आडगांव पुलिस थाना में आकस्मिक मृत्यु का प्रकरण दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है।
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार एक से दो वर्ष आयु के बच्चों का सिर शरीर की तुलना में अधिक भारी होता है। ऐसे में यदि बच्चा पानी से भरी बाल्टी या टब में झुकता है तो संतुलन बिगड़ने का खतरा बढ़ जाता है और वह स्वयं बाहर नहीं निकल पाता। यही कारण है कि घरों में रखी पानी की बाल्टियां और खुले बर्तन छोटे बच्चों के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं।
विशेषज्ञों ने अभिभावकों को सावधानी बरतने की सलाह देते हुए कहा है कि बाथरूम का दरवाजा हमेशा बंद रखें, उपयोग में न होने पर पानी की बाल्टियों और टब को खाली कर उल्टा कर दें तथा छोटे बच्चों को कभी भी अकेला न छोड़ें। उनका कहना है कि कुछ क्षण की लापरवाही कई बार जिंदगी भर का दर्द बन जाती है।




