कोलकाता, 10 जुलाई (वेब वार्ता)। पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर क्षेत्र में नाबालिग की कथित दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले ने हिंसक रूप ले लिया। शव मिलने के बाद आक्रोशित लोगों ने सड़क और रेलवे मार्ग अवरुद्ध कर प्रदर्शन किया, कई वाहनों में तोड़फोड़ की तथा पुलिस पर पथराव किया। इस दौरान भीड़ ने एक युवक को संदिग्ध समझकर पीट-पीटकर मार डाला। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार, नाबालिग शनिवार शाम घर से बाहर निकली थी, जिसके बाद वह लापता हो गई। देर रात तक परिजन और स्थानीय लोग उसकी तलाश करते रहे, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। रविवार सुबह धपधपी-दो पंचायत के सूर्यपुर हाट क्षेत्र स्थित एक तालाब से उसका शव बरामद हुआ। परिजनों ने आरोप लगाया है कि बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर शव तालाब में फेंका गया। परिवार ने चार लोगों पर संलिप्तता का आरोप लगाया है।
घटना के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाकर सड़क जाम कर दी और सूर्यपुर रेलवे स्टेशन पर भी प्रदर्शन किया, जिससे शियालदह-नामखाना रेलखंड पर लगभग एक घंटे तक रेल सेवाएं प्रभावित रहीं। सड़क यातायात भी कई घंटों तक बाधित रहा।
स्थिति को नियंत्रित करने पहुंची पुलिस पर कुछ प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने बल प्रयोग किया। इसी दौरान भीड़ ने एक स्थानीय युवक को संदिग्ध समझकर पीट-पीटकर मार डाला। बाद में पुलिस ने स्पष्ट किया कि मृत युवक की भूमिका की भी अलग से जांच की जा रही है।
जांच के दौरान पुलिस को क्षेत्र में लगे निगरानी कैमरों के दृश्य से महत्वपूर्ण सुराग मिले। इसके आधार पर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है। मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल का गठन किया गया है।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पीड़िता के पिता से बातचीत कर निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिया। उन्होंने पुलिस महानिदेशक से मामले की जांच और पुलिस की कार्यवाही पर विस्तृत प्रतिवेदन भी मांगा है।




