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दिल्ली में बच्चों को पिलाई गई ‘दो बूंद ज़िंदगी की’, पोलियो-मुक्त भारत के संकल्प को मिली मजबूती

नई दिल्ली | राष्ट्रीय डेस्क | वेब वार्ता

Pulse Polio Day के अवसर पर दिल्ली सरकार के महानिदेशालय स्वास्थ्य सेवाएँ तथा इंटीग्रेटेड डिस्ट्रिक्ट हेल्थ सोसाइटी (IDHS), पूर्वी जिला के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को पूर्वी दिल्ली के आयुष्मान आरोग्य मंदिर, कड़कड़डूमा गाँव में विशेष अभियान आयोजित किया गया। इस अभियान का उद्देश्य पाँच वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो रोधी दवा की “दो बूंद ज़िंदगी की” पिलाकर पोलियो-मुक्त भारत के संकल्प को और मजबूत बनाना रहा। कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों, स्वास्थ्य विशेषज्ञों, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के प्रतिनिधियों तथा बड़ी संख्या में स्वास्थ्य कर्मियों ने भाग लिया।

⚡ संक्षिप्त वार्ता (Quick Info)

  • पूर्वी दिल्ली के आयुष्मान आरोग्य मंदिर में पल्स पोलियो दिवस आयोजित हुआ।
  • पाँच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाई गई।
  • जिला मजिस्ट्रेट अमोल श्रीवास्तव ने अभियान का शुभारंभ किया।
  • डॉ. संदीप गौतम ने जनभागीदारी को अभियान की सफलता का आधार बताया।
  • डब्ल्यूएचओ, स्वास्थ्य कर्मियों और आशा कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
  • अभिभावकों से हर अभियान में बच्चों को पोलियो की खुराक दिलाने की अपील की गई।

Pulse Polio Day अभियान की शुरुआत कैसे हुई?

कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्वी जिला के जिला मजिस्ट्रेट एवं इंटीग्रेटेड डिस्ट्रिक्ट हेल्थ सोसाइटी (IDHS) के चेयरमैन अमोल श्रीवास्तव (आईएएस) ने फीता काटकर किया। उन्होंने बच्चों को पोलियो रोधी दवा की “दो बूंद ज़िंदगी की” पिलाकर अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया और अभिभावकों से अपील की कि वे प्रत्येक पल्स पोलियो अभियान में अपने पाँच वर्ष तक के बच्चों को दवा अवश्य पिलाएँ।

इस अवसर पर प्रशिक्षु आईएएस अधिकारी शिवानी भी मौजूद रहीं और उन्होंने अभियान की सफलता के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम का उत्साहवर्धन किया।

पल्स पोलियो अभियान इतना महत्वपूर्ण क्यों है?पोलियो एक गंभीर बीमारी है, जिससे बच्चों में स्थायी विकलांगता हो सकती है। नियमित रूप से पोलियो रोधी दवा पिलाने से इस बीमारी की रोकथाम संभव है। इसी उद्देश्य से सरकार समय-समय पर पल्स पोलियो अभियान चलाकर पाँच वर्ष तक के सभी बच्चों तक यह सुरक्षा कवच पहुँचाती है।

कार्यक्रम से जुड़े प्रमुख तथ्य

मुख्य बिंदुविवरण
कार्यक्रमपल्स पोलियो दिवस
स्थानआयुष्मान आरोग्य मंदिर, कड़कड़डूमा गाँव, पूर्वी दिल्ली
मुख्य अतिथिअमोल श्रीवास्तव (आईएएस)
मुख्य उद्देश्यपाँच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाना
सहभागिताWHO, स्वास्थ्य विभाग, ANM, आशा कार्यकर्ता एवं चिकित्सा टीम

स्वास्थ्य अधिकारियों ने जनभागीदारी पर दिया जोर

मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. संदीप गौतम ने कहा कि पोलियो उन्मूलन के लिए जनभागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे पाँच वर्ष तक के सभी बच्चों को नियमित रूप से पल्स पोलियो की खुराक दिलाते रहें।

जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. वीना वर्मा ने भी बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाई और नियमित टीकाकरण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि समय पर टीकाकरण बच्चों को कई गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

इस अभियान से लोगों को क्या फायदा होगा?पल्स पोलियो अभियान से पाँच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षा मिलती है। नियमित टीकाकरण और जनभागीदारी के माध्यम से भारत को स्थायी रूप से पोलियो-मुक्त बनाए रखने के लक्ष्य को और मजबूती मिलेगी।

स्वास्थ्य कर्मियों और आशा कार्यकर्ताओं की रही अहम भूमिका

कार्यक्रम में राज्य प्रतिरक्षण टीम, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के प्रतिनिधियों, आयुष्मान आरोग्य मंदिर के चिकित्सकों, एएनएम, स्वास्थ्य कर्मचारियों तथा 19 आशा कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई। अभियान को सफल बनाने में सभी स्वास्थ्यकर्मियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

कार्यक्रम के समापन पर अधिकारियों, चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों और सहयोगी कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया गया। साथ ही नागरिकों से अपील की गई कि वे प्रत्येक पल्स पोलियो अभियान में अपने पाँच वर्ष तक के बच्चों को “दो बूंद ज़िंदगी की” अवश्य पिलाएँ, ताकि भारत सदैव पोलियो-मुक्त बना रहे।

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