नई दिल्ली, 19 मई (वेब वार्ता)। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के निर्माणाधीन हिस्से का निरीक्षण शुरू किया। डीएनडी महारानी बाग से जैतपुर पुश्ता रोड तक करीब नौ किलोमीटर लंबे खंड समेत कुल 59 किलोमीटर परियोजना की प्रगति का उन्होंने जायजा लिया और अधिकारियों से निर्माण कार्य की स्थिति की जानकारी ली।
यह हिस्सा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे परियोजना का महत्वपूर्ण भाग माना जा रहा है। डीएनडी की ओर से आगे बनने वाले इस नौ किलोमीटर लंबे मार्ग में लगभग 7.50 किलोमीटर एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जा रहा है, जबकि आगरा नहर के आगे जैतपुर पुश्ता रोड तक करीब 1.50 किलोमीटर सड़क सतह पर तैयार की गई है।
निरीक्षण के दौरान गडकरी फरीदाबाद को नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से जोड़ने वाले ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे की प्रगति का भी आकलन करेंगे। इसके बाद वह डीएनडी महारानी बाग छोर पर मीडिया को परियोजना की मौजूदा स्थिति और आगे की योजना की जानकारी देंगे।
इस खंड का निर्माण कार्य 11 जनवरी 2022 को शुरू हुआ था और इसे सितंबर 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। हालांकि आगरा नहर पर बन रहे विशेष स्टील नेटवर्क आर्क ब्रिज के निर्माण में आई देरी के कारण परियोजना की समयसीमा प्रभावित हुई।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार आगरा नहर पर बन रहा 140 मीटर लंबा नेटवर्क आर्क ब्रिज देश में अपनी तरह का सबसे लंबा पुल होगा। इससे पहले 132 मीटर लंबाई वाला नेटवर्क आर्क ब्रिज रिकॉर्डधारी था। ऐसे पुल सामान्यतः मेट्रो गलियारों या नहरों के ऊपर बनाए जाते हैं, जहां लंबा स्पैन और न्यूनतम बाधा की आवश्यकता होती है।
अधिकारियों का कहना है कि पुल का भार परीक्षण पूरा होने के बाद इस हिस्से को जून में यातायात के लिए खोलने की तैयारी की जा रही है। इसके शुरू होने से दक्षिणी दिल्ली, नोएडा और फरीदाबाद के बीच यात्रा अधिक तेज, सुगम और समय बचाने वाली होने की उम्मीद है। परियोजना के पूरा होने से क्षेत्रीय संपर्क और यातायात ढांचे को भी बड़ी मजबूती मिलने की संभावना जताई जा रही है।




