महानगरदिल्ली-एनसीआरजेवर बनेगा भारत का PCB मैन्युफैक्चरिंग हब, ₹6,750...

जेवर बनेगा भारत का PCB मैन्युफैक्चरिंग हब, ₹6,750 करोड़ की इलेक्ट्रॉनिक्स परियोजनाओं का हुआ शिलान्यास

जेवर (गौतम बुद्ध नगर) | राज्य डेस्क | वेब वार्ता

Jewar PCB Manufacturing Project के तहत उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर स्थित जेवर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लगभग ₹6,750 करोड़ की इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अब तक भारत जिस ₹40,000 करोड़ मूल्य के अत्याधुनिक Printed Circuit Board (PCB) का आयात करता था, उसका उत्पादन अब देश में ही होगा और इसकी शुरुआत जेवर से होगी। उन्होंने कहा कि यह परियोजना भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सेमीकंडक्टर विनिर्माण में वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है।

⚡ संक्षिप्त वार्ता (Quick Info)

  • जेवर में ₹6,750 करोड़ की इलेक्ट्रॉनिक्स परियोजनाओं का शिलान्यास।
  • ₹40,000 करोड़ मूल्य के आयातित PCB का उत्पादन अब भारत में होगा।
  • 206 एकड़ में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (EMC) विकसित किया जा रहा है।
  • क्लस्टर के विकास पर लगभग ₹417 करोड़ खर्च होंगे।
  • बुलेट ट्रेन से दिल्ली-लखनऊ यात्रा 2 घंटे 10 मिनट में पूरी होगी।
  • जेवर को इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर विनिर्माण का प्रमुख केंद्र बनाने की तैयारी।

Jewar PCB Manufacturing Project से भारत को क्या मिलेगा?

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (PCB) आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग की सबसे महत्वपूर्ण तकनीक है। अब तक भारत लगभग ₹40,000 करोड़ मूल्य के पीसीबी का आयात करता रहा है, लेकिन नई परियोजनाओं के शुरू होने के बाद इसका निर्माण देश में ही होगा। इससे इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भारत की भूमिका मजबूत होगी।

उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर के बाद अब जेवर इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का भी बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। भविष्य में अनेक हाई-टेक परियोजनाएं उत्तर प्रदेश में स्थापित होंगी, जिससे राज्य देश के अग्रणी इलेक्ट्रॉनिक्स हब के रूप में विकसित होगा।

प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (PCB) का महत्व क्या है?PCB आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों का आधार होता है। मोबाइल फोन, कंप्यूटर, ऑटोमोबाइल, चिकित्सा उपकरण, रक्षा प्रणाली और औद्योगिक मशीनों सहित लगभग सभी इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों में मल्टी-लेयर प्रिंटेड सर्किट बोर्ड का उपयोग किया जाता है। इसका घरेलू उत्पादन भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर से मिलेगा नया औद्योगिक आधार

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के सेक्टर-10 स्थित Electronics Manufacturing Cluster (EMC) में स्थापित होने वाली पहली औद्योगिक इकाई की आधारशिला भी रखी।

लगभग 206 एकड़ क्षेत्र में विकसित किए जा रहे इस क्लस्टर पर करीब ₹417 करोड़ की लागत आएगी, जिसमें केंद्र सरकार का लगभग ₹144 करोड़ का योगदान होगा। यह क्लस्टर उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योगों के लिए अत्याधुनिक आधारभूत संरचना उपलब्ध कराएगा।

परियोजना की प्रमुख जानकारी

मुख्य बिंदुविवरण
स्थानजेवर, गौतम बुद्ध नगर
कुल निवेश₹6,750 करोड़
मुख्य उत्पादप्रिंटेड सर्किट बोर्ड (PCB) एवं इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स
EMC क्षेत्रफल206 एकड़
EMC लागत₹417 करोड़
केंद्र सरकार का योगदान₹144 करोड़
प्रमुख उद्देश्यइलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, निवेश और रोजगार को बढ़ावा

बुलेट ट्रेन परियोजना से मिलेगा औद्योगिक लाभ

अश्विनी वैष्णव ने दिल्ली-लखनऊ-वाराणसी-पटना-सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का उल्लेख करते हुए कहा कि परियोजना पूरी होने के बाद दिल्ली से लखनऊ की यात्रा लगभग 2 घंटे 10 मिनट तथा जेवर से लखनऊ की यात्रा लगभग 1 घंटा 40 मिनट में पूरी की जा सकेगी। इससे औद्योगिक निवेश, लॉजिस्टिक्स और रोजगार को नई गति मिलेगी।

उन्होंने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी के कारण जेवर आने वाले वर्षों में देश का प्रमुख हाई-टेक औद्योगिक क्षेत्र बनकर उभरेगा।

भारत के सेमीकंडक्टर मिशन को कैसे मिलेगा लाभ?भारत सेमीकंडक्टर मिशन के तहत जून 2026 तक लगभग ₹1.64 लाख करोड़ के निवेश वाली 12 परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है। पीसीबी निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर और सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम का विस्तार भारत को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन में मजबूत स्थान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

उत्तर प्रदेश बन रहा हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग का केंद्र

विशेषज्ञों का मानना है कि जेवर में विकसित हो रही इलेक्ट्रॉनिक्स परियोजनाएं केवल उत्पादन क्षमता ही नहीं बढ़ाएंगी, बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार, स्टार्टअप, एमएसएमई, निर्यात और निवेश को भी प्रोत्साहन देंगी। इससे उत्तर प्रदेश देश के सबसे बड़े इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सेमीकंडक्टर विनिर्माण केंद्रों में शामिल हो सकेगा।

सरकार का लक्ष्य ‘मेक इन इंडिया’, ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को नई गति देते हुए भारत को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण हब के रूप में स्थापित करना है।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img

Latest

- Advertisement -spot_img
- Advertisement -

More articles

- Advertisement -
- Advertisement -