नई दिल्ली | अब्दुल रशीद | वेब वार्ता
Delhi Road Infrastructure Project के तहत राजधानी दिल्ली में सड़क नेटवर्क को आधुनिक, सुरक्षित और टिकाऊ बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित व्यय वित्त समिति (EFC) की बैठक में ₹657 करोड़ से अधिक की लागत से 270 किलोमीटर से ज्यादा सड़कों के सुदृढ़ीकरण और रखरखाव को मंजूरी दी गई। इस योजना के तहत पहली बार Composite Tender System लागू किया जाएगा, जिससे सड़क निर्माण, रखरखाव और जवाबदेही सुनिश्चित हो सकेगी।
सरकार का दावा है कि इस महत्वाकांक्षी योजना से पूर्वी, उत्तरी और दक्षिणी दिल्ली के प्रमुख मार्गों की तस्वीर बदलेगी तथा लाखों नागरिकों को बेहतर और सुरक्षित यातायात सुविधा उपलब्ध होगी।
⚡ संक्षिप्त वार्ता (Quick Info)
- ₹657 करोड़ से अधिक की सड़क परियोजना को मंजूरी
- 270 किलोमीटर से ज्यादा सड़कों का पुनर्निर्माण और सुदृढ़ीकरण
- दिल्ली में पहली बार Composite Tender System लागू
- 5 वर्ष की Defect Liability Period निर्धारित
- 48 घंटे में गड्ढा मरम्मत का प्रावधान
- CSIR-CRRI और SPA करेंगे गुणवत्ता ऑडिट
दिल्ली की सड़कों के लिए बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्लान
दिल्ली सरकार ने राजधानी की सड़क व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए व्यापक योजना तैयार की है। इस योजना के तहत प्रमुख मार्गों का पुनर्निर्माण, मरम्मत और दीर्घकालिक रखरखाव सुनिश्चित किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे ट्रैफिक जाम में कमी आएगी और आवागमन अधिक सुगम होगा।
Composite Tender System क्या है?
नई टेंडर प्रणाली की खासियतComposite Tender System के तहत सड़क निर्माण, रखरखाव, मरम्मत और गुणवत्ता नियंत्रण की जिम्मेदारी एक ही एजेंसी को सौंपी जाएगी। इससे विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय की समस्या समाप्त होगी और जवाबदेही तय हो सकेगी।
दिल्ली में पहली बार लागू हो रही यह प्रणाली परियोजनाओं को समय पर पूरा करने और निर्माण गुणवत्ता को बेहतर बनाने में मददगार मानी जा रही है।
5 साल तक ठेकेदार रहेगा जिम्मेदार
नई व्यवस्था के तहत सड़क निर्माण पूरा होने के बाद पांच वर्ष की Defect Liability Period तय की गई है। यदि इस अवधि में सड़क पर किसी प्रकार की खराबी या क्षति सामने आती है तो उसकी मरम्मत संबंधित ठेकेदार को करनी होगी।
साथ ही सड़क पर गड्ढा बनने की स्थिति में 48 घंटे के भीतर उसकी मरम्मत सुनिश्चित करने का प्रावधान भी किया गया है। इससे नागरिकों को लंबे समय तक बेहतर सड़क सुविधाएं मिल सकेंगी।
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| परियोजना लागत | ₹657 करोड़ से अधिक |
| सड़क लंबाई | 270 KM से अधिक |
| नई व्यवस्था | Composite Tender System |
| जवाबदेही अवधि | 5 वर्ष |
| गड्ढा मरम्मत | 48 घंटे के भीतर |
गुणवत्ता ऑडिट पर रहेगा विशेष फोकस
सड़क निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए CSIR-CRRI (केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान) और School of Planning and Architecture (SPA) जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं से स्वतंत्र गुणवत्ता ऑडिट कराया जाएगा। इससे तकनीकी मानकों के अनुरूप निर्माण सुनिश्चित किया जा सकेगा।
पर्यावरण मानकों का होगा पालन
दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए निर्माण कार्यों के दौरान Commission for Air Quality Management (CAQM) के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाएगा। धूल नियंत्रण और वायु गुणवत्ता सुधार के लिए विशेष उपाय अपनाए जाएंगे।
दिल्लीवासियों को क्या होगा फायदा?इस परियोजना से सड़कें अधिक सुरक्षित और टिकाऊ बनेंगी, ट्रैफिक जाम कम होगा, दुर्घटनाओं में कमी आएगी और नागरिकों को बेहतर आवागमन सुविधा मिलेगी। जवाबदेही तय होने से सड़क मरम्मत से जुड़ी शिकायतों का भी तेजी से समाधान संभव होगा।
मुख्यमंत्री ने दिए गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार राजधानी के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और नागरिकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि दिल्ली की सड़कें सुरक्षित, आधुनिक और टिकाऊ बन सकें।




