नई दिल्ली | अंतरराष्ट्रीय डेस्क | वेब वार्ता
World’s Deadliest Earthquakes की सूची में हाल के वर्षों में आए कई शक्तिशाली भूकंप शामिल हैं, जिन्होंने दुनिया के विभिन्न देशों में भारी तबाही मचाई और हजारों लोगों की जान ली। 24 जून को उत्तरी वेनेजुएला में 7.2 और 7.5 तीव्रता के लगातार दो भूकंपों के बाद एक बार फिर दुनिया की नजर बड़े भूकंपों के खतरे पर टिक गई है। इन भूकंपों से भारी जनहानि, बुनियादी ढांचे को नुकसान और बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव अभियान चलाने की नौबत आई।
- 24 जून को वेनेजुएला में 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो भूकंप आए।
- हाल के वर्षों में तुर्किये, सीरिया, म्यांमार, हैती और अफगानिस्तान भी बड़े भूकंप झेल चुके हैं।
- तुर्किये-सीरिया भूकंप 21वीं सदी की सबसे बड़ी त्रासदियों में शामिल है।
- म्यांमार में 2025 का भूकंप लगभग एक सदी का सबसे घातक भूकंप माना गया।
- उथली गहराई वाले भूकंपों से सबसे अधिक तबाही होती है।
- भूकंप के बाद अंतरराष्ट्रीय राहत अभियान महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
World’s Deadliest Earthquakes में वेनेजुएला का ताजा भूकंप
24 जून को उत्तरी वेनेजुएला में कुछ ही सेकंड के अंतराल पर 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो शक्तिशाली भूकंप आए। कम गहराई पर आए इन झटकों के कारण राजधानी कराकास और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक तबाही हुई। बड़ी संख्या में इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं और राहत दल लगातार प्रभावित क्षेत्रों में बचाव अभियान चला रहे हैं।
भूकंप विशेषज्ञों के अनुसार कम गहराई पर आने वाले भूकंप सामान्यतः अधिक विनाशकारी साबित होते हैं क्योंकि इनके झटके सतह पर अधिक तीव्रता के साथ महसूस किए जाते हैं।
हाल के वर्षों के प्रमुख विनाशकारी भूकंप
| वर्ष | देश | तीव्रता | प्रमुख प्रभाव |
|---|---|---|---|
| 2026 | वेनेजुएला | 7.2 एवं 7.5 | भारी तबाही, सैकड़ों लोगों की मौत |
| 2026 | फिलीपींस | 7.8 | 68 लोगों की मौत |
| 2025 | म्यांमार | 7.7 | 3,600 से 5,300 मौतें, हजारों घायल |
| 2025 | रूस (कामचटका) | 8.8 | दशक का सबसे शक्तिशाली भूकंप |
| 2025 | अफगानिस्तान | 6.0 | करीब 3,000 मौतें |
| 2023 | तुर्किये-सीरिया | 7.8 एवं 7.7 | 56,000 से अधिक मौतें |
| 2021 | हैती | 7.2 | 2,207 मौतें, 12,268 घायल |
तुर्किये-सीरिया और म्यांमार की त्रासदी सबसे भयावह
फरवरी 2023 में तुर्किये और उत्तरी सीरिया में आए 7.8 और 7.7 तीव्रता के दो शक्तिशाली भूकंपों ने 21वीं सदी की सबसे भीषण प्राकृतिक आपदाओं में स्थान बनाया। इस आपदा में 56 हजार से अधिक लोगों की मौत हुई और लाखों लोग बेघर हो गए।
वहीं मार्च 2025 में म्यांमार में आए 7.7 तीव्रता के भूकंप ने भी भारी तबाही मचाई। यह लगभग एक सदी में म्यांमार का सबसे घातक भूकंप माना गया, जिसके झटके थाईलैंड, चीन और पड़ोसी देशों तक महसूस किए गए।
आपदा प्रबंधन की चुनौती लगातार बनी हुई है
विशेषज्ञों का मानना है कि भूकंप को रोका नहीं जा सकता, लेकिन वैज्ञानिक तैयारी, सुरक्षित निर्माण मानकों और आपदा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत कर इसके प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
दुनिया के विभिन्न हिस्सों में लगातार आने वाले शक्तिशाली भूकंप इस बात की याद दिलाते हैं कि प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए वैश्विक सहयोग, तकनीकी तैयारी और जागरूकता बेहद आवश्यक है।




