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डॉ. महरंग बलोच को उम्रकैद के खिलाफ बलोचिस्तान में प्रदर्शन तेज, फैसला सुनाने वाले जज की पदोन्नति पर भी विवाद

इस्लामाबाद | अंतरराष्ट्रीय डेस्क | वेब वार्ता

Dr Mahrang Baloch को आतंकवाद और देशद्रोह के मामले में सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा के खिलाफ पाकिस्तान के बलोचिस्तान प्रांत में विरोध प्रदर्शन लगातार जारी हैं। इस बीच सजा सुनाने वाले एंटी-टेररिज्म कोर्ट के जज मोहम्मद अली मुबीन को बलोचिस्तान उच्च न्यायालय में न्यायाधीश नियुक्त किए जाने की सिफारिश को लेकर भी नया विवाद खड़ा हो गया है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि न्यायिक प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं रही, जबकि पाकिस्तान के आधिकारिक स्तर पर इस संबंध में कोई नया बयान सामने नहीं आया है।

Quick Info

  • डॉ. महरंग बलोच और सिबघतुल्लाह शाह को आजीवन कारावास की सजा।
  • बलोचिस्तान के कई इलाकों में विरोध प्रदर्शन जारी।
  • फैसला सुनाने वाले जज मोहम्मद अली मुबीन की पदोन्नति की सिफारिश पर विवाद।
  • कुछ वरिष्ठ न्यायाधीशों ने कनिष्ठ जज की पदोन्नति पर आपत्ति जताई।
  • बलोच सॉलिडेरिटी कमेटी ने अदालत के फैसले को अस्वीकार किया।

सजा के खिलाफ कई शहरों में प्रदर्शन

रिपोर्टों के अनुसार बलोच सॉलिडेरिटी कमेटी (Baloch Solidarity Committee) ने डॉ. महरंग बलोच और सिबघतुल्लाह शाह को सुनाई गई उम्रकैद की सजा के विरोध में प्रदर्शन तेज कर दिए हैं। क्वेटा सहित कई क्षेत्रों में रैलियां निकाली गईं, जबकि केची बेग कमालू गांव तक विरोध मार्च आयोजित किया गया। प्रदर्शनकारियों ने अदालत के फैसले को खारिज करते हुए दोनों नेताओं की रिहाई और निष्पक्ष न्यायिक प्रक्रिया की मांग की।

शुक्रवार रात क्वेटा के सरयाब रोड पर बड़ी संख्या में लोगों ने प्रदर्शन किया और बलोच नेताओं के समर्थन में नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आंदोलन को दबाने के लिए न्यायिक कार्रवाई का इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि इन आरोपों पर पाकिस्तानी प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

जज की पदोन्नति पर भी उठे सवाल

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार एंटी-टेररिज्म कोर्ट के जज मोहम्मद अली मुबीन, जिन्होंने इस मामले में फैसला सुनाया था, उन्हें बलोचिस्तान उच्च न्यायालय में न्यायाधीश नियुक्त करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। बताया जा रहा है कि संबंधित प्रस्ताव प्रांतीय सरकार और उच्च न्यायालय को भेजा गया है तथा प्रांतीय सरकार ने इस पर सहमति जता दी है।

रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि उच्च न्यायालय के कुछ वरिष्ठ न्यायाधीशों ने एक कनिष्ठ जज की पदोन्नति पर आपत्ति दर्ज कराई है, जबकि मुख्य न्यायाधीश इस प्रस्ताव के पक्ष में बताए जा रहे हैं। यदि प्रक्रिया पूरी होती है तो आने वाले दिनों में संबंधित अधिसूचना जारी की जा सकती है।

क्या है पूरा मामला?डॉ. महरंग बलोच बलोच सॉलिडेरिटी कमेटी की प्रमुख नेताओं में शामिल हैं। उन्हें ग्वादर में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान एक सैनिक की मौत से जुड़े मामले में आतंकवाद और देशद्रोह के आरोपों में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। इस फैसले के बाद से बलोचिस्तान में लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।

कौन हैं डॉ. महरंग बलोच?

डॉ. महरंग बलोच पिछले एक दशक में बलोच लापता व्यक्तियों और मानवाधिकार से जुड़े मुद्दों को उठाने वाली प्रमुख आवाजों में शामिल रही हैं। वर्ष 2025 में उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार के लिए भी नामांकित किया गया था। उनके समर्थक उन्हें “बलोचिस्तान की शेरनी” के नाम से भी संबोधित करते हैं।

मानवाधिकार संगठनों ने भी इस मामले पर चिंता व्यक्त की है, जबकि पाकिस्तान की सरकार और सुरक्षा एजेंसियों का कहना रहा है कि कानून के अनुसार कार्रवाई की गई है। मामले को लेकर देश और विदेश में बहस जारी है।

अब आगे क्या?प्रदर्शन जारी रहने के बीच निगाहें बलोचिस्तान उच्च न्यायालय की संभावित नियुक्तियों और इस मामले में आगे होने वाली कानूनी कार्यवाही पर टिकी हैं। यदि उच्च न्यायालय में पदोन्नति की अधिसूचना जारी होती है तो इस पर विवाद और गहरा सकता है।

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