काबुल/इस्लामाबाद, 20 जून (वेब वार्ता)। अफगानिस्तान की तालिबान सरकार द्वारा पाकिस्तान के बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा प्रांतों में कथित आतंकवादी ठिकानों पर हवाई हमले किए जाने के दावे के बाद दोनों देशों के बीच एक नया विवाद खड़ा हो गया है। जहां अफगानिस्तान ने इस अभियान को सफल बताते हुए अपने लक्ष्यों को भेदने का दावा किया है, वहीं पाकिस्तान ने ऐसे किसी भी हमले से साफ इनकार करते हुए इसे पूरी तरह झूठा बताया है।
अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने सामाजिक माध्यम पर जारी एक बयान में कहा कि उसकी वायु सेना ने गुरुवार रात पाकिस्तान के भीतर स्थित उन ठिकानों को निशाना बनाया, जहां से कथित रूप से अफगानिस्तान विरोधी गतिविधियों की योजना बनाई जा रही थी। मंत्रालय के अनुसार इन ठिकानों का उपयोग पहले भी कई घातक हमलों की तैयारी और संचालन के लिए किया जाता रहा है।
रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि अभियान के दौरान पूर्व निर्धारित सभी प्रमुख लक्ष्यों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया गया। हालांकि मंत्रालय की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया कि अभियान किस प्रकार संचालित किया गया और इसमें किस प्रकार के सैन्य संसाधनों का उपयोग किया गया। साथ ही किसी भी प्रकार के हताहतों या क्षति का विवरण भी सार्वजनिक नहीं किया गया।
दूसरी ओर पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय ने कहा कि उसके क्षेत्र में किसी प्रकार का हवाई हमला नहीं हुआ। मंत्रालय के अनुसार केवल अफगानिस्तान की ओर से आया एक मानव रहित विमान पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र में प्रवेश कर गया था, जिसे समय रहते रोक लिया गया।
पाकिस्तान ने अपने बयान में यह भी कहा कि अफगानिस्तान द्वारा लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं। पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि जिन आतंकवादी शिविरों का उल्लेख किया जा रहा है, वे वास्तव में अफगानिस्तान के भीतर स्थित हैं और वहीं से संचालित किए जाते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के महीनों में दोनों देशों के बीच सीमा सुरक्षा और उग्रवादी गतिविधियों को लेकर तनाव लगातार बढ़ा है। ऐसे में इस प्रकार के परस्पर विरोधी दावों से क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति और अधिक संवेदनशील हो सकती है।
फिलहाल किसी स्वतंत्र स्रोत से अफगानिस्तान के हवाई हमले के दावे की पुष्टि नहीं हो सकी है। दोनों देशों के आधिकारिक बयानों के बीच सच्चाई क्या है, यह जांच और आगे आने वाली सूचनाओं के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
गौरतलब है कि अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा पार आतंकवादी गतिविधियों को लेकर लंबे समय से आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा है। इस ताजा घटनाक्रम ने एक बार फिर दोनों पड़ोसी देशों के संबंधों में तनाव बढ़ा दिया है।




