सार
- ‘सतलुज’ फिल्म बनाने वाले निर्देशक हनी त्रेहान एक बार फिर चर्चा में बने हुए हैं।
- दरअसल, इस बार उन्होंने सीबीएफसी की नई गाइडलाइंस पर सवाल उठाए हैं।
- हनी त्रेहान ने नई गाइडलाइंस देखने के बाद अभिव्यक्ति की आजादी पर सवाल उठाए हैं।
विस्तार
- दिलजीत ने जताई थी आशंका
रिलीज से पहले दिलजीत दोसांझ ने भी इस बात को लेकर आशंका जताई थी कि फिल्म प्लेटफॉर्म पर कितने समय तक उपलब्ध रहेगी। बाद में उनकी यह आशंका सच साबित हुई और फिल्म को रिलीज के कुछ ही समय बाद हटा दिया गया।रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्र सरकार ने फिल्म को लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं जताई थीं। हालांकि, मेकर्स ने कहा था कि फिल्म की रिलीज में आ रही परेशानियों के पीछे ये वजहें नहीं थीं।
- क्या हैं सीबीएफसी की नई गाइडलाइंस?
सीबीएफसी की तरफ से जारी की गई नई एडवाइजरी बोर्ड के दोबारा गठन के बाद जारी किए गए पहले निर्देश हैं। करीब नौ साल के अंतराल के बाद कुछ महीने पहले बोर्ड का पुनर्गठन किया गया था। इसकी अध्यक्षता प्रसार भारती के पूर्व सीईओ शशि शेखर वेम्पति कर रहे हैं।नए बोर्ड में प्रीति जिंटा, पंकज त्रिपाठी, प्रसेनजीत चटर्जी, रूपाली गांगुली, मनोज जोशी, पल्लवी जोशी और सुनील शेट्टी जैसे कलाकार शामिल हैं। इनके अलावा फिल्ममेकर प्रियदर्शन, म्यूजिक कंपोजर रिकी केज और प्रोड्यूसर सुप्रिया यार्लागड्डा भी बोर्ड का हिस्सा हैं।
- सोमवार को जारी पांच निर्देशों में सीबीएफसी ने साफ किया कि सर्टिफिकेशन के लिए जमा की जाने वाली फिल्म पूरी होनी चाहिए।
- साथ ही बोर्ड ने कहा कि फिल्मों की घोषित रिलीज डेट और प्रमोशनल टाइटल को बाध्यकारी नहीं माना जाएगा।
- इसके अलावा फिल्म के टाइटल भी जांच के दायरे में रहेंगे।
- जरूरत पड़ने पर एग्जामिनिंग कमेटी या रिवाइजिंग कमेटी फिल्म के नाम की समीक्षा कर सकती है या उसमें बदलाव कर सकती है।





