नई दिल्ली, 12 जून (वेब वार्ता)। केंद्र सरकार ने देशभर में पेट्रोल और डीजल की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बड़ा निर्णय लिया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने आगामी 90 दिनों तक औद्योगिक, वाणिज्यिक और संस्थागत उपभोक्ताओं द्वारा पेट्रोल पंपों से ईंधन की बल्क खरीद पर रोक लगाने का आदेश जारी किया है। अब ऐसे उपभोक्ताओं को अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए केवल अधिकृत थोक बिक्री केंद्रों का ही उपयोग करना होगा।
रिटेल और थोक कीमतों के अंतर के चलते उठाया कदम
मंत्रालय के अनुसार, यह निर्णय खुदरा ईंधन दरों और थोक बाजार कीमतों के बीच बढ़ते अंतर को देखते हुए लिया गया है। वर्तमान परिस्थितियों में पेट्रोल पंपों पर उपलब्ध ईंधन की कीमतें थोक बाजार दरों की तुलना में अपेक्षाकृत कम पड़ रही थीं। इसके चलते बड़ी मात्रा में ईंधन की आवश्यकता रखने वाले उपभोक्ता खुदरा पेट्रोल पंपों से खरीदारी कर रहे थे।
सरकार का मानना है कि इस असामान्य मांग से आम उपभोक्ताओं के लिए ईंधन की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है और कई क्षेत्रों में आपूर्ति संकट की स्थिति पैदा होने की आशंका बढ़ सकती है।
डीजल बिक्री पर भी तय की गई सीमा
सरकारी आदेश के तहत खुदरा पेट्रोल पंपों से डीजल की बिक्री को भी नियंत्रित किया गया है। अब डीजल की बिक्री केवल वाहनों के टैंकों या अनुमोदित कंटेनरों में प्रतिदिन अधिकतम 200 लीटर तक ही की जा सकेगी।
इसका उद्देश्य बड़ी मात्रा में ईंधन की अनधिकृत खरीद और भंडारण को रोकना है, ताकि जरूरतमंद उपभोक्ताओं को नियमित रूप से ईंधन उपलब्ध कराया जा सके।
जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्ती
केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों को भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे जमाखोरी, कालाबाजारी और अवैध खरीद-बिक्री के मामलों पर कड़ी निगरानी रखें तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें।
सरकार का कहना है कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए देश में ईंधन आपूर्ति श्रृंखला को सुरक्षित और सुचारू बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। ऐसे में यह कदम एहतियाती उपाय के तौर पर उठाया गया है।
आम उपभोक्ताओं को नहीं होगी परेशानी
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि इस आदेश का असर सामान्य वाहन चालकों और आम उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ेगा। वे पहले की तरह पेट्रोल पंपों से अपनी जरूरत के अनुसार ईंधन खरीद सकेंगे।
सरकार को उम्मीद है कि इस अस्थायी व्यवस्था से ईंधन वितरण प्रणाली में संतुलन बना रहेगा और पूरे देश में पेट्रोल एवं डीजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी।




