35 वर्षीय राजेश्वरी की मौत के बाद हरकत में आया स्वास्थ्य विभाग, बिना पंजीकरण क्लीनिक चलाने का आरोप
लक्ष्मीकान्त पाठक
हरदोई (वेबवार्ता)। बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र में कथित रूप से बिना पंजीकरण संचालित हो रहे क्लीनिक में महिला की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। मामले में बेनीगंज कोथावां निवासी गोमती देवी पत्नी रामप्रसाद के खिलाफ इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट की धारा 15(2), 15(3) समेत अन्य सुसंगत धाराओं में कार्रवाई की गई है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से जारी पत्र के मुताबिक, एक अक्टूबर 2026 को स्वास्थ्य विभाग के सहायक नोडल अधिकारी डॉ. मनोज कुमार सिंह के संज्ञान में मामला आया। जानकारी के अनुसार गोमती देवी द्वारा कथित तौर पर बिना पंजीकरण क्लीनिक का संचालन किया जा रहा था। इसी क्रम में राजेश्वरी पत्नी धीरपाल, निवासी चिकरकुर कोथावां, उम्र करीब 35 वर्ष की मौत की सूचना भी सामने आई।
मामले की जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संबंधित क्लीनिक का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान क्लीनिक का संचालन बिना पंजीकरण पाए जाने पर स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल प्रभाव से क्लीनिक को सील कर दिया।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से बेनीगंज थाने के प्रभारी निरीक्षक को भेजे गए पत्र में संबंधित के विरुद्ध इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट की धारा 15(2), 15(3) एवं अन्य सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई किए जाने का अनुरोध किया गया था। इसके बाद पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
महिला की मौत ने खड़े किए सवाल
कथित अवैध क्लीनिक में उपचार के दौरान महिला की मौत की सूचना सामने आने के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था और बिना पंजीकरण संचालित चिकित्सा केंद्रों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। अब पुलिस जांच में यह स्पष्ट किया जाना है कि राजेश्वरी को क्लीनिक में किस बीमारी के उपचार के लिए लाया गया था, उसे किस प्रकार का उपचार दिया गया और उपचार के दौरान ऐसी कौन-सी परिस्थितियां बनीं, जिनके बाद उसकी मौत हो गई।
इसके साथ ही जांच में क्लीनिक संचालिका की चिकित्सकीय योग्यता, क्लीनिक के संचालन की वैधानिक स्थिति और वहां उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं से जुड़े पहलुओं को भी शामिल किया जा सकता है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से क्लीनिक सील किए जाने और पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद मामला अब जांच के दायरे में है। महिला की मौत के वास्तविक कारण और जिम्मेदारी से जुड़े तथ्य पुलिस जांच के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होंगे।




