सड़क सुरक्षा मित्रों को ब्लैक स्पॉट्स पर दिया गया व्यावहारिक प्रशिक्षण
कानपुर। अब शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और सड़क दुर्घटनाओं की दर में कमी लाने के उद्देश्य से संभागीय परिवहन विभाग (आरटीओ) और यातायात पुलिस ने सोमवार को एक विशेष जागरूकता सह प्रशिक्षण अभियान चलाया। इस अभियान के तहत मरियमपुर चौराहे पर “सड़क सुरक्षा मित्रों” को एकत्र कर उन्हें उनके सामाजिक एवं नागरिक दायित्वों की विस्तार से जानकारी दी गई। इसके साथ ही, सुरक्षा मित्रों की टीम को शहर के प्रमुख दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (ब्लैक स्पॉट्स) का ऑन-ग्राउंड निरीक्षण कराकर व्यावहारिक रूप से जागरूक किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान यात्री कर अधिकारी दीपक सिंह ने बताया कि “सड़क सुरक्षा मित्र” यातायात पुलिस और आम जनता के बीच एक मजबूत सेतु के रूप में कार्य करेंगे। उन्होंने बताया कि “सड़क सुरक्षा मित्र” दुर्घटना के ठीक बाद के पहले घंटे (गोल्डन आवर) में पीड़ितों को तत्काल प्राथमिक चिकित्सा प्रदान करना और अस्पताल पहुंचाना, व्यस्त समय (पीक आवर्स) में चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस की सहायता करना ताकि जाम की स्थिति न बने, नियमों के प्रति जागरूकतारू वाहन चालकों को हेलमेट, सीटबेल्ट लगाने और ओवरस्पीडिंग व रॉन्ग-साइड ड्राइविंग से बचने के लिए प्रेरित करना रहना । इसके साथ ही उन्हें मरियमपुर चौराहा और आसपास के चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स पर ले जाकर सुरक्षा मित्रों को दुर्घटनाओं के तकनीकी एवं व्यावहारिक कारणों से अवगत कराया गया। अधिकारियों ने उन्हें समझाया कि सड़कों की बनावट, अवैध कट, प्रकाश व्यवस्था की कमी और स्पष्ट साइन बोर्ड न होने से दुर्घटना का खतरा कैसे बढ़ता है। संभागीय परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से कहा कि केवल चालान की कार्रवाई से सड़क हादसे पूरी तरह से बंद नहीं किए जा सकते; इसके लिए समाज के हर वर्ग का सहयोग आवश्यक है। श्सड़क सुरक्षा मित्रोंश् का यह दस्ता शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में लोगों को ट्रैफिक नियमों के प्रति संवेदनशील बनाएगा, जिससे अमूल्य मानव जीवन को बचाया जा सके।
सड़क सुरक्षा को धारः

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