लक्ष्मीकान्त पाठक
हरदोई। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस के प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन के आह्वान पर सोमवार को हरदोई में भी कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क पर उतरे। जिला कांग्रेस अध्यक्ष विक्रम पांडेय के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता प्रदर्शन में शामिल हुए। कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उन्हें पद से हटाने की मांग उठाई।
प्रदर्शन की शुरुआत कांग्रेस कार्यालय से हुई। पार्टी कार्यकर्ता जुलूस की शक्ल में निर्धारित प्रदर्शन स्थल की ओर बढ़ रहे थे। पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोकने के लिए पहले ही सुरक्षा व्यवस्था और बैरिकेडिंग कर रखी थी। पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिसकर्मियों के बीच काफी देर तक खींचतान और धक्का-मुक्की की स्थिति बनी रही।
जिलाध्यक्ष समेत कई कार्यकर्ता हिरासत में
प्रदर्शनकारियों के आगे बढ़ने की कोशिश के बीच पुलिस ने कांग्रेस जिला अध्यक्ष विक्रम पांडेय सहित कई पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। पुलिसकर्मियों ने हिरासत में लिए गए नेताओं और कार्यकर्ताओं को बस में बैठाया और पुलिस लाइन भेज दिया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता लगातार नारेबाजी करते रहे और निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराते रहे।
कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं का कहना था कि वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज सरकार और निर्वाचन आयोग तक पहुंचाना चाहते हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाते हुए चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर भी सवाल उठाए।

प्रदर्शन को लेकर पहले से तैनात था पुलिस बल
कांग्रेस के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन की ओर से पहले से ही सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। जुलूस के दौरान सड़क पर कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटने से कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ।
पुलिस द्वारा कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोके जाने के दौरान दोनों पक्षों के बीच हुई धक्का-मुक्की से मौके पर कुछ देर के लिए तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और उन्हें पुलिस लाइन भेज दिया।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि उनका प्रदर्शन निर्वाचन व्यवस्था से जुड़े सवालों और अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से उठाने के लिए था। वहीं, पुलिस की ओर से प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हिरासत की कार्रवाई की गई।
हिरासत में लिए गए कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को पुलिस लाइन भेजे जाने के बाद मौके की स्थिति सामान्य हुई।




