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हरदोई में छात्राओं को कैरियर का रोडमैप, सीडीओ ने कहा- कक्षा 10 से ही तय करें लक्ष्य

प्रतियोगी परीक्षाओं, उच्च शिक्षा और रोजगार के विकल्पों पर अधिकारियों ने किया मार्गदर्शन
लक्ष्मीकान्त पाठक

हरदोई। श्री वेणी माधव विद्यापीठ बालिका इंटर कॉलेज में बुधवार को छात्राओं के लिए कैरियर मार्गदर्शन एवं संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती नेहा ब्याडवाल, आईएएस ने छात्राओं से सीधा संवाद कर उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और विभिन्न कैरियर विकल्पों की जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं से कहा कि कक्षा 10 और 12 से ही अपना लक्ष्य निर्धारित कर उसी के अनुरूप सुनियोजित एवं निरंतर तैयारी शुरू करें।
सीडीओ ने कहा कि स्पष्ट लक्ष्य, नियमित अध्ययन, उचित मार्गदर्शन और आत्मविश्वास सफलता की दिशा में महत्वपूर्ण आधार हैं। उन्होंने स्नातक स्तर पर प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश, रुचि एवं क्षमता के अनुरूप विषय चयन तथा भविष्य की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए कैरियर योजना बनाने की जानकारी दी।
उन्होंने UPSC और UPPSC जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के स्वरूप, विभिन्न चरणों और तैयारी की रणनीति पर भी छात्राओं से चर्चा की। वैकल्पिक विषय के चयन में रुचि, विषय पर पकड़ और अध्ययन सामग्री की उपलब्धता को ध्यान में रखने की सलाह दी।
इंजीनियरिंग से शिक्षक और कानून तक बताए विकल्प
अधिशासी अभियंता, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग प्रदीप पाल ने इंजीनियरिंग क्षेत्र में उपलब्ध विभिन्न डिग्री और डिप्लोमा पाठ्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने तकनीकी शिक्षा के बाद केंद्र एवं राज्य सरकार के विभागों में रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं के अवसरों से भी छात्राओं को अवगत कराया।
जिला विद्यालय निरीक्षक डाॅ. अरविन्द पाठक ने प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षक बनने के लिए आवश्यक शैक्षिक योग्यता एवं प्रक्रिया समझाई। उन्होंने एलएलबी के बाद विधि एवं न्यायिक सेवाओं सहित अन्य कैरियर विकल्पों पर भी प्रकाश डाला।
छात्राओं ने खुलकर पूछे कैरियर से जुड़े सवाल
संवाद सत्र में छात्राओं ने अधिकारियों से अपने भविष्य को लेकर कई सवाल पूछे। कक्षा 12 की छात्रा सना खान ने पॉलीटेक्निक के बाद डिग्री तथा निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसरों के संबंध में जानकारी मांगी। सीडीओ ने तकनीकी शिक्षा के साथ अच्छे संस्थानों में इंटर्नशिप और व्यावहारिक अनुभव हासिल करने पर जोर दिया। उन्होंने सरकारी और निजी क्षेत्र में अनुभव के महत्व को बताते हुए ऑनलाइन माध्यमों से इंटर्नशिप एवं अच्छे संस्थानों की जानकारी प्राप्त करने की सलाह दी।
शालू दीक्षित ने व्यावसायिक पाठ्यक्रमों, कक्षा 11 की जाली शर्मा ने नीट एवं चिकित्सा क्षेत्र के अन्य पाठ्यक्रमों, मधु पाल ने एलएलबी के बाद कैरियर विकल्पों तथा कक्षा 12 की आकृति मिश्रा ने जीव विज्ञान के बाद नीट के अलावा उपलब्ध स्नातक पाठ्यक्रमों के बारे में सवाल किए। अधिकारियों ने छात्राओं की जिज्ञासाओं का क्रमवार समाधान किया और उन्हें अपनी रुचि एवं क्षमता के अनुरूप कैरियर चुनने के लिए प्रेरित किया।
विशेषज्ञों को बुलाकर नियमित काउंसलिंग के निर्देश
सीडीओ ने कहा कि छात्राओं को समय रहते विभिन्न क्षेत्रों के कैरियर विकल्पों की जानकारी मिलना जरूरी है। उन्होंने विद्यालयों में नियमित कैरियर काउंसलिंग कार्यक्रम आयोजित कराने पर जोर दिया। जिला विद्यालय निरीक्षक को चार्टर्ड अकाउंटेंट, कंपनी सेक्रेटरी सहित विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को विद्यालयों में आमंत्रित कर विषयवार कैरियर काउंसलिंग एवं संवाद सत्र आयोजित कराने के निर्देश दिए।
कार्यक्रम में विद्यालय की प्रधानाचार्य श्रीमती गीता शुक्ला, प्रबंधक श्री मनोज अग्रवाल, शिक्षिकाएं एवं छात्राएं उपस्थित रहीं।

प्रतियोगी परीक्षाओं, उच्च शिक्षा और रोजगार के विकल्पों पर अधिकारियों ने किया मार्गदर्शन
लक्ष्मीकान्त पाठक

हरदोई। श्री वेणी माधव विद्यापीठ बालिका इंटर कॉलेज में बुधवार को छात्राओं के लिए कैरियर मार्गदर्शन एवं संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती नेहा ब्याडवाल, आईएएस ने छात्राओं से सीधा संवाद कर उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और विभिन्न कैरियर विकल्पों की जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं से कहा कि कक्षा 10 और 12 से ही अपना लक्ष्य निर्धारित कर उसी के अनुरूप सुनियोजित एवं निरंतर तैयारी शुरू करें।
सीडीओ ने कहा कि स्पष्ट लक्ष्य, नियमित अध्ययन, उचित मार्गदर्शन और आत्मविश्वास सफलता की दिशा में महत्वपूर्ण आधार हैं। उन्होंने स्नातक स्तर पर प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश, रुचि एवं क्षमता के अनुरूप विषय चयन तथा भविष्य की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए कैरियर योजना बनाने की जानकारी दी।
उन्होंने UPSC और UPPSC जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के स्वरूप, विभिन्न चरणों और तैयारी की रणनीति पर भी छात्राओं से चर्चा की। वैकल्पिक विषय के चयन में रुचि, विषय पर पकड़ और अध्ययन सामग्री की उपलब्धता को ध्यान में रखने की सलाह दी।
इंजीनियरिंग से शिक्षक और कानून तक बताए विकल्प
अधिशासी अभियंता, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग प्रदीप पाल ने इंजीनियरिंग क्षेत्र में उपलब्ध विभिन्न डिग्री और डिप्लोमा पाठ्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने तकनीकी शिक्षा के बाद केंद्र एवं राज्य सरकार के विभागों में रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं के अवसरों से भी छात्राओं को अवगत कराया।
जिला विद्यालय निरीक्षक डाॅ. अरविन्द पाठक ने प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षक बनने के लिए आवश्यक शैक्षिक योग्यता एवं प्रक्रिया समझाई। उन्होंने एलएलबी के बाद विधि एवं न्यायिक सेवाओं सहित अन्य कैरियर विकल्पों पर भी प्रकाश डाला।
छात्राओं ने खुलकर पूछे कैरियर से जुड़े सवाल
संवाद सत्र में छात्राओं ने अधिकारियों से अपने भविष्य को लेकर कई सवाल पूछे। कक्षा 12 की छात्रा सना खान ने पॉलीटेक्निक के बाद डिग्री तथा निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसरों के संबंध में जानकारी मांगी। सीडीओ ने तकनीकी शिक्षा के साथ अच्छे संस्थानों में इंटर्नशिप और व्यावहारिक अनुभव हासिल करने पर जोर दिया। उन्होंने सरकारी और निजी क्षेत्र में अनुभव के महत्व को बताते हुए ऑनलाइन माध्यमों से इंटर्नशिप एवं अच्छे संस्थानों की जानकारी प्राप्त करने की सलाह दी।
शालू दीक्षित ने व्यावसायिक पाठ्यक्रमों, कक्षा 11 की जाली शर्मा ने नीट एवं चिकित्सा क्षेत्र के अन्य पाठ्यक्रमों, मधु पाल ने एलएलबी के बाद कैरियर विकल्पों तथा कक्षा 12 की आकृति मिश्रा ने जीव विज्ञान के बाद नीट के अलावा उपलब्ध स्नातक पाठ्यक्रमों के बारे में सवाल किए। अधिकारियों ने छात्राओं की जिज्ञासाओं का क्रमवार समाधान किया और उन्हें अपनी रुचि एवं क्षमता के अनुरूप कैरियर चुनने के लिए प्रेरित किया।
विशेषज्ञों को बुलाकर नियमित काउंसलिंग के निर्देश
सीडीओ ने कहा कि छात्राओं को समय रहते विभिन्न क्षेत्रों के कैरियर विकल्पों की जानकारी मिलना जरूरी है। उन्होंने विद्यालयों में नियमित कैरियर काउंसलिंग कार्यक्रम आयोजित कराने पर जोर दिया। जिला विद्यालय निरीक्षक को चार्टर्ड अकाउंटेंट, कंपनी सेक्रेटरी सहित विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को विद्यालयों में आमंत्रित कर विषयवार कैरियर काउंसलिंग एवं संवाद सत्र आयोजित कराने के निर्देश दिए।
कार्यक्रम में विद्यालय की प्रधानाचार्य श्रीमती गीता शुक्ला, प्रबंधक श्री मनोज अग्रवाल, शिक्षिकाएं एवं छात्राएं उपस्थित रहीं।

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