नई दिल्ली, 16 सितंबर (वेब वार्ता)। अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाकर कथित तौर पर चलाए जा रहे फर्जी कॉल सेंटर नेटवर्क के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी के हैदराबाद क्षेत्रीय कार्यालय की टीम ने 15 सितंबर को पटियाला, पुणे और चंडीगढ़ में चार ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धारा 17 के तहत की गई। तलाशी के दौरान पटियाला और पुणे में तीन कॉल सेंटर संचालित अवस्था में मिले, जहां करीब 220 लोग काम करते पाए गए।
तीन कॉल सेंटरों में चल रहा था काम
जांच और मैदानी सत्यापन के दौरान ईडी को ऐसे समूह के बारे में जानकारी मिली थी, जो कथित तौर पर अन्य लोगों के साथ मिलकर पटियाला और पुणे में फर्जी कॉल सेंटर संचालित कर रहा था। इसी सूचना के आधार पर एजेंसी ने चार ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया।
अभियान के दौरान पटियाला में दो और पुणे में एक कॉल सेंटर संचालित अवस्था में मिला। इन केंद्रों में बड़ी संख्या में कार्यस्थल और अलग-अलग कक्ष बनाए गए थे। यहां कंप्यूटर, हेडसेट, मोबाइल फोन और नेटवर्किंग उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा था। करीब 220 लोग इन केंद्रों में काम करते पाए गए।
ईडी अब इन सभी लोगों की पहचान, उनकी भूमिका और कॉल सेंटरों में उनके कार्य संबंधी ढांचे की जांच कर रही है।
अमेरिकी नागरिकों से ठगी और जबरन वसूली के आरोप
ईडी के अनुसार, इन कॉल सेंटरों से अमेरिकी नागरिकों को फोन किए जाते थे। आरोप है कि फोन करने वाले लोग अलग-अलग झूठे बहाने बनाकर लोगों को धनराशि जमा करने के लिए तैयार करते थे।
पटियाला में मिले दोनों कॉल सेंटरों से अमेरिकी नागरिकों के साथ कथित ठगी और जबरन वसूली से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद होने की जानकारी दी गई है। तलाशी के दौरान मिले मोबाइल फोन और एक लैपटॉप में इस कथित गिरोह की कार्यप्रणाली से संबंधित आंकड़े पाए गए। इनमें पीड़ितों से प्राप्त धनराशि का विवरण भी शामिल बताया जा रहा है।
पुणे के कॉल सेंटर से भी मिले समान कार्यप्रणाली के साक्ष्य
ईडी को पुणे स्थित कॉल सेंटर से भी अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाने वाली कथित समान कार्यप्रणाली के प्रमाण मिले हैं। एजेंसी अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि पटियाला और पुणे में संचालित कॉल सेंटरों के बीच किस प्रकार का संबंध था।
जांच के दायरे में यह भी शामिल है कि दोनों स्थानों का संचालन कौन कर रहा था, फोन करने की व्यवस्था कहां से नियंत्रित की जाती थी और कथित ठगी से प्राप्त धनराशि को किन माध्यमों से आगे भेजा जाता था।
चंडीगढ़ में कथित संचालक के ठिकाने की तलाशी
ईडी ने चंडीगढ़ स्थित एक आवासीय परिसर की भी तलाशी ली। एजेंसी के अनुसार, इस परिसर का इस्तेमाल पटियाला के कॉल सेंटरों के संचालन और नियंत्रण से जुड़े कथित मुख्य संचालक द्वारा किया जा रहा था।
तलाशी के दौरान यहां से कॉल सेंटरों के संचालन से संबंधित आंकड़े रखने वाले कई डिजिटल उपकरण बरामद किए गए। जांच एजेंसी को इस परिसर से एक ऐसे व्यक्ति के बारे में भी जानकारी मिलने की बात कही गई है, जो अमेरिकी डॉलर में प्राप्त धनराशि को भारतीय रुपये में बदलने और उसके प्रसंस्करण से जुड़े कार्य में कथित तौर पर शामिल था।
ईडी अब संबंधित व्यक्ति की भूमिका और उससे जुड़े वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है।
66 मोबाइल फोन और 13 लैपटॉप जब्त
तलाशी अभियान के दौरान ईडी ने बड़ी संख्या में डिजिटल उपकरण और अन्य सामग्री जब्त की है। बरामद वस्तुओं में शामिल हैं—
66 मोबाइल फोन।
13 लैपटॉप।
हार्ड डिस्क और अन्य संचार उपकरण।
नकदी।
महत्वपूर्ण अभिलेख और दस्तावेज।
एजेंसी इन डिजिटल साक्ष्यों की विस्तृत और न्यायिक प्रक्रिया के अनुरूप फोरेंसिक जांच कर रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कॉल सेंटरों में किस प्रकार की फोन वार्ता की पटकथाओं का इस्तेमाल किया जाता था तथा अमेरिकी नागरिकों तक पहुंचने के लिए किन डायलर या इंटरनेट आधारित फोन प्रणालियों का उपयोग किया जा रहा था।
फोन कॉल से लेकर धन के प्रवाह तक जांच
ईडी की जांच कथित कॉल सेंटर संचालकों तक सीमित नहीं है। एजेंसी फोन अभियानों, वार्ता की पटकथाओं, डायलर और इंटरनेट आधारित फोन प्रणालियों, संभावित पीड़ितों के आंकड़ों तथा भुगतान माध्यमों की भी जांच कर रही है।
इसके साथ ही कॉल सेंटरों का प्रबंधन करने वाले लोगों की भूमिका और कथित अपराध से अर्जित धनराशि के पूरे वित्तीय प्रवाह का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। बरामद डिजिटल आंकड़ों के आधार पर विभिन्न ठिकानों के बीच संबंध, संचालन की पूरी कार्यप्रणाली और इसमें शामिल लोगों की पहचान करने की कोशिश जारी है। प्रवर्तन निदेशालय ने मामले में आगे की जांच जारी रखी है।




