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पलवल-सोहना को मिलेगा 24 किमी लंबा चार लेन बाईपास, जाम से मिलेगी राहत

पलवल, 15 सितंबर (वेब वार्ता)। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र को जल्द ही एक और महत्वपूर्ण सड़क परियोजना की सौगात मिलने जा रही है। पलवल और गुरुग्राम के सोहना के बीच 24 किलोमीटर लंबा चार लेन बाईपास बनाया जाएगा। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस परियोजना को मंजूरी दे दी है। बाईपास बनने से पलवल और सोहना के बीच आवागमन आसान होने के साथ क्षेत्र में व्यापार, उद्योग और रोजगार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

लोक निर्माण विभाग ने परियोजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रस्तावित बाईपास के मार्ग में आने वाली जमीन की रजिस्ट्रियों पर रोक लगाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसके बाद जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई की जाएगी। भूमि अधिग्रहण पूरा होने के बाद सड़क निर्माण का कार्य शुरू किया जा सकेगा।

दो लेन की सड़क पर रहता है वाहनों का दबाव

फिलहाल पलवल-सोहना मार्ग दो लेन का है। इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग गुरुग्राम और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में नौकरी तथा कारोबार के सिलसिले में आवागमन करते हैं। सड़क की चौड़ाई कम होने और वाहनों की संख्या अधिक होने के कारण मार्ग पर अक्सर यातायात जाम की स्थिति बन जाती है।

सुबह और शाम के व्यस्त समय में वाहन चालकों को लंबे समय तक जाम में फंसना पड़ता है। भारी वाहनों की आवाजाही से समस्या और गंभीर हो जाती है। संकरी सड़क पर वाहनों के एक-दूसरे को पार करने के दौरान दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है।

स्थानीय लोग लंबे समय से इस मार्ग को चौड़ा करने या वैकल्पिक सड़क बनाने की मांग करते रहे हैं। इसी समस्या को देखते हुए राज्य सरकार ने चार लेन बाईपास परियोजना को मंजूरी दी है।

24 किलोमीटर लंबा और चार लेन का होगा बाईपास

प्रस्तावित बाईपास करीब 24 किलोमीटर लंबा होगा और इसे चार लेन का बनाया जाएगा। इसके तैयार होने के बाद पलवल से सोहना और आगे गुरुग्राम की ओर जाने वाले यात्रियों को बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा।

लोक निर्माण विभाग फिलहाल परियोजना के लिए आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने में जुटा है। प्रस्तावित मार्ग में आने वाली जमीन से संबंधित अभिलेखों की प्रक्रिया के बाद भूमि अधिग्रहण किया जाएगा।

चार लेन मार्ग बनने से वाहनों की आवाजाही अधिक व्यवस्थित होने की उम्मीद है। इससे वर्तमान पलवल-सोहना मार्ग पर वाहनों का दबाव भी कम हो सकता है।

सोहना से गुरुग्राम तक पहले ही बेहतर हुआ संपर्क

गुरुग्राम में सुभाष चौक से सोहना चौक तक चार लेन की ऊंची सड़क तैयार हो चुकी है। इससे गुरुग्राम से सोहना तक आवागमन पहले की तुलना में आसान हुआ है।

अब सोहना से पलवल तक चार लेन बाईपास बनने पर दोनों दिशाओं में सड़क संपर्क और मजबूत होगा। इससे पलवल से गुरुग्राम तक आने-जाने वाले लोगों को लगातार बेहतर सड़क नेटवर्क मिल सकेगा।

औद्योगिक क्षेत्रों को मिलेगा फायदा

बाईपास का लाभ आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों को भी मिलने की उम्मीद है। बेहतर सड़क संपर्क से माल ढुलाई और कर्मचारियों के आवागमन में आसानी होगी। इससे पलवल और आसपास के क्षेत्रों में नए उद्योग तथा व्यावसायिक गतिविधियां विकसित होने की संभावना है।

सोहना क्षेत्र के आसपास भी औद्योगिक गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं। धारूहेड़ा के औद्योगिक क्षेत्र और नूंह में विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्र को भी बेहतर सड़क संपर्क का लाभ मिल सकता है।

रोजगार और कारोबार के नए अवसर खुलने की उम्मीद

नई सड़क बनने के बाद इसके आसपास पेट्रोल पंप, होटल, गोदाम, परिवहन सेवाएं और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां विकसित हो सकती हैं। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है।

इसके अलावा बेहतर सड़क संपर्क से पलवल और आसपास के क्षेत्रों में जमीन तथा व्यावसायिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है। हालांकि, इसका वास्तविक प्रभाव बाईपास के निर्माण और यातायात शुरू होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

शहर के यातायात दबाव में भी आएगी कमी

बाईपास का एक महत्वपूर्ण फायदा यह होगा कि लंबी दूरी के वाहनों को शहर के अंदर से गुजरने की आवश्यकता कम हो सकती है। इससे मुख्य सड़कों पर यातायात का दबाव घटाने में मदद मिलेगी।

विशेष रूप से भारी और मालवाहक वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होने से शहर के बाजारों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था को राहत मिलने की उम्मीद है।

बड़े शहरों में रिंग रोड पर भी जोर

हरियाणा सरकार एक लाख या इससे अधिक आबादी वाले शहरों में रिंग रोड विकसित करने की योजना पर भी जोर दे रही है। इसका उद्देश्य शहर के मुख्य हिस्सों से बाहरी और लंबी दूरी के यातायात को अलग करना है।

रिंग रोड और बाईपास जैसी परियोजनाओं से भारी वाहनों को शहर में प्रवेश किए बिना आगे जाने का मार्ग मिलता है। इससे शहर के भीतर यातायात का दबाव कम होने के साथ सड़क सुरक्षा और आवागमन की सुविधा में भी सुधार हो सकता है।

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