-1,400.70 करोड़ की 44 परियोजनाएं शिलान्यास के लिए तो 206.13 करोड़ की 21 तैयार परियोजनाएं लोकार्पण के लिए तैयार
लखनऊ, 12 सितंबर (वेब वार्ता)। उत्तर प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार के साथ स्वास्थ्य सेवाओं के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की दिशा में योगी सरकार ने बड़ा कदम बढ़ाया है। प्रदेश के विभिन्न चिकित्सा महाविद्यालयों और चिकित्सा संस्थानों में कुल 1,606.83 करोड़ रुपये की 65 परियोजनाएं शिलान्यास और लोकार्पण के लिए तैयार हैं। इनमें 1,400.70 करोड़ रुपये की 44 परियोजनाएं शिलान्यास तथा 206.13 करोड़ रुपये की 21 परियोजनाएं लोकार्पण के लिए तैयार हैं।
इन परियोजनाओं का दायरा केवल अस्पताल भवनों के निर्माण तक सीमित नहीं है। चिकित्सा महाविद्यालयों में बढ़ी हुई सीटों के अनुरूप छात्रावास, व्याख्यान कक्ष, परीक्षा भवन, नर्सिंग महाविद्यालय, आघात केंद्र, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य केंद्र, संक्रामक रोग चिकित्सालय, अंग प्रत्यारोपण इकाइयों के साथ जलापूर्ति, सीवरेज और विद्युत जैसी आधारभूत सुविधाओं को भी विकसित किया जा रहा है।
लखनऊ में 855 करोड़ से बनेगा 1,010 शैय्या का अस्पताल
प्रस्तावित परियोजनाओं में सबसे बड़ी परियोजना लखनऊ स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान की है। गोमतीनगर विस्तार स्थित संस्थान के नए परिसर में निर्मित तलघर के ऊपर 1,010 शैय्या वाले अस्पताल भवन का निर्माण करीब 855.04 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित है। यह परियोजना राजधानी में चिकित्सा सुविधाओं की क्षमता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
इसके अलावा गोरखपुर चिकित्सा महाविद्यालय में करीब 43.68 करोड़ रुपये की लागत से बहुमंजिला रोगी सहायक आधुनिक भोजनालय प्रस्तावित है। कानपुर चिकित्सा महाविद्यालय और संबद्ध चिकित्सालयों में नए विद्युत जनित्र के साथ करीब 49.40 करोड़ रुपये की लागत से संक्रामक रोग चिकित्सालय तैयार करने की योजना है।
मेरठ में आघात चिकित्सा और मातृ-शिशु सेवाओं का विस्तार
मेरठ चिकित्सा महाविद्यालय में स्वास्थ्य सेवाओं के साथ परिसर की आधारभूत सुविधाओं को भी व्यापक रूप से मजबूत किया जाएगा। मौजूदा द्वितीय स्तर के आघात केंद्र को 100 शैय्या वाले प्रथम स्तर के आघात केंद्र के रूप में विकसित करने पर करीब 48.15 करोड़ रुपये खर्च प्रस्तावित हैं।
बाल रोग विभाग में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण पर करीब 34.82 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा मल-जल निकासी व्यवस्था, महिला एवं पुरुष स्नातकोत्तर छात्रावास, जलापूर्ति व्यवस्था, 10 एमएलडी क्षमता के सीवेज शोधन संयंत्र और विद्युत संबंधी सुविधाओं को भी विकसित किया जाएगा।
बढ़ी चिकित्सा सीटों के साथ छात्रावास और शैक्षणिक सुविधाएं
सरकार की योजना में चिकित्सा महाविद्यालयों में बढ़ी हुई सीटों के अनुरूप शैक्षणिक और आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराना भी शामिल है। झांसी चिकित्सा महाविद्यालय में एमबीबीएस की स्नातक सीटों में वृद्धि को ध्यान में रखते हुए बहुमंजिला भवन में व्याख्यान कक्ष, वातानुकूलित पुस्तकालय, सम्मेलन कक्ष, भोजनालय और परीक्षा कक्ष के निर्माण पर करीब 28.44 करोड़ रुपये खर्च प्रस्तावित हैं।
इसी परिसर में 272 शैय्या वाले स्नातक छात्राओं के छात्रावास के निर्माण की करीब 26.89 करोड़ रुपये की परियोजना भी प्रस्तावित है। एटा में छात्र और छात्राओं के छात्रावास तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं का निर्माण प्रस्तावित है। कुशीनगर में 100-100 शैय्या वाले छात्राओं और छात्रों के छात्रावास के साथ सीवेज शोधन संयंत्र विकसित किया जाएगा। अयोध्या चिकित्सा महाविद्यालय में 100 शैय्या वाला प्रशिक्षु छात्रावास, 100 शैय्या वाला छात्र छात्रावास और 100 शैय्या वाला स्नातक छात्रा छात्रावास सहित अन्य निर्माण कार्य प्रस्तावित हैं।
नर्सिंग शिक्षा के विस्तार पर भी जोर
प्रदेश में चिकित्सकों के साथ प्रशिक्षित नर्सिंग मानव संसाधन तैयार करने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। शिलान्यास के लिए प्रस्तावित परियोजनाओं में गोंडा चिकित्सा महाविद्यालय में करीब 9.93 करोड़ रुपये की लागत से नर्सिंग महाविद्यालय की स्थापना शामिल है।
लोकार्पण के लिए तैयार परियोजनाओं में बहराइच, अयोध्या और हरदोई के स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालयों में नर्सिंग महाविद्यालय शामिल हैं। सहारनपुर चिकित्सा महाविद्यालय में करीब 20.82 करोड़ रुपये की लागत से 60 सीट वाले बीएससी नर्सिंग महाविद्यालय तथा ग्रेटर नोएडा स्थित राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान में करीब 20.82 करोड़ रुपये की लागत से नर्सिंग महाविद्यालय की परियोजना भी सूची में है।
चिकित्सकों और विद्यार्थियों के लिए भी सुविधाएं
परियोजनाओं में मरीजों के उपचार के साथ चिकित्सा महाविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों और कार्यरत चिकित्सकों की सुविधाओं को भी शामिल किया गया है। जौनपुर के स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में चिकित्सकों के आवास, विभिन्न श्रेणी के आवास, 200-200 क्षमता वाले दो व्याख्यान कक्ष, प्रशिक्षु पुरुष छात्रावास, संकाय वाहन पार्किंग, अग्निशमन व्यवस्था और अतिथि गृह सहित कई कार्य प्रस्तावित हैं।
मिर्जापुर के मां विंध्यवासिनी स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में एमबीबीएस छात्रों के लिए 160 क्षमता और छात्राओं के लिए 140 क्षमता वाले छात्रावास के साथ चार व्याख्यान कक्षों में ध्वनिरोधक निर्माण कार्य प्रस्तावित है। बस्ती के ओपेक चिकित्सालय कैली में नैदानिक भवन का निर्माण प्रस्तावित है। इसी परिसर में अतिथि गृह, बैंक, खरीदारी परिसर और शवगृह जैसे भवनों का निर्माण पूरा होने के बाद लोकार्पण के लिए तैयार है। शाहजहांपुर में आकस्मिक चिकित्सा विभाग के जीर्णोद्धार और निर्माण के साथ नर्सिंग महाविद्यालय की स्थापना संबंधी परियोजनाएं भी शामिल हैं।
206 करोड़ की 21 परियोजनाएं लोकार्पण के लिए तैयार
शिलान्यास के साथ निर्माण पूरा हो चुकी परियोजनाओं को भी जल्द जनता और चिकित्सा विद्यार्थियों के उपयोग के लिए समर्पित करने की तैयारी है। कुल 206.13 करोड़ रुपये की 21 परियोजनाएं लोकार्पण के लिए सूचीबद्ध हैं।
कानपुर चिकित्सा महाविद्यालय में बढ़ी हुई स्नातक सीटों के अनुरूप चिकित्सा अभिलेख अनुभाग और स्नातक छात्र छात्रावास के विस्तार का कार्य पूरा हो चुका है। मानसिक रोग विभाग में एमडी मनोचिकित्सा पाठ्यक्रम के लिए विभाग विस्तार और नशामुक्ति वार्ड भवन भी लोकार्पण सूची में शामिल हैं।
मेरठ चिकित्सा महाविद्यालय में 100 शैय्या वाले छात्रा छात्रावास, 100 शैय्या वाले छात्र छात्रावास, 100 शैय्या वाले प्रशिक्षु छात्रावास, परीक्षा भवन विस्तार और व्याख्यान कक्ष जैसी परियोजनाएं तैयार हैं। गोरखपुर चिकित्सा महाविद्यालय में बहुमंजिला दोहरी शैय्या वाले छात्रा छात्रावास को भी लोकार्पण के लिए तैयार किया गया है।
गुर्दा, यकृत और अस्थि-मज्जा प्रत्यारोपण की सुविधा की तैयारी
उच्च विशेषज्ञता वाली चिकित्सा सेवाओं के विस्तार में डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान की परियोजना विशेष महत्व रखती है। संस्थान के मुख्य चिकित्सा भवन की छठी और सातवीं मंजिल पर गुर्दा, यकृत और अस्थि-मज्जा प्रत्यारोपण इकाई स्थापित करने की परियोजना लोकार्पण सूची में शामिल है। इसकी लागत करीब 18.22 करोड़ रुपये दर्ज है।
इसी संस्थान के 200 शैय्या वाले राम प्रकाश गुप्ता स्मृति मातृ एवं शिशु चिकित्सालय में विकिरण-चित्रण खंड के समीप 100 मरीजों की क्षमता वाला प्रतीक्षालय भी तैयार परियोजनाओं में शामिल है।
चिकित्सा शिक्षा के साथ पूरा स्वास्थ्य ढांचा मजबूत करने की तैयारी
प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार के साथ अब अस्पतालों और चिकित्सा महाविद्यालयों की क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। प्रस्तावित 65 परियोजनाओं में बड़े अस्पताल भवनों, आघात केंद्रों और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर नर्सिंग महाविद्यालय, छात्रावास, व्याख्यान कक्ष, परीक्षा भवन, चिकित्सक आवास, जलापूर्ति, सीवरेज और अग्निसुरक्षा जैसी सुविधाओं को शामिल किया गया है। इन परियोजनाओं के माध्यम से एक ओर चिकित्सा विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक और आवासीय वातावरण तैयार करने का प्रयास है, वहीं दूसरी ओर मरीजों के लिए उपचार की क्षमता और सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।




