देहरादून, 22 जुलाई (वेब वार्ता)। प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे प्रश्नपत्र लीक के मामलों को लेकर छात्रों और युवाओं का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को अग्रगामी छात्र-नौजवान सभा के बैनर तले बड़ी संख्या में युवाओं ने प्रदर्शन कर नीट स्नातक परीक्षा के कथित प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर सरकार और परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि 3 मई 2026 को आयोजित नीट स्नातक परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने से लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उनका कहना है कि इस मामले में प्रभावशाली लोगों की संलिप्तता के आरोप सामने आए हैं तथा बड़े पैमाने पर धन के लेन-देन के माध्यम से परीक्षा की निष्पक्षता प्रभावित हुई है।
प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने दावा किया कि पिछले कुछ वर्षों में भी कई प्रतियोगी परीक्षाएं प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं से प्रभावित हुई हैं। उनका कहना है कि लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं से परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लग रहा है और सबसे अधिक नुकसान उन विद्यार्थियों को उठाना पड़ रहा है, जो ईमानदारी से तैयारी करते हैं।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों और युवाओं ने अपनी विभिन्न मांगें भी सरकार के समक्ष रखीं। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी को समाप्त कर पूर्व परीक्षा व्यवस्था बहाल करने, प्रश्नपत्र लीक से प्रभावित अभ्यर्थियों को आर्थिक मुआवजा देने, दोषी संस्थाओं से क्षतिपूर्ति की राशि वसूलने तथा व्यावसायिक परीक्षाओं के केंद्रीकरण को समाप्त करने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। वहीं, इस पूरे मामले को लेकर सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा है।




