ठाणे, 10 जुलाई (वेब वार्ता)। महाराष्ट्र के ठाणे जिले में कल्याण-डोंबिवली नगर निगम के शास्त्री नगर अस्पताल में डॉक्टरों के साथ कथित मारपीट के मामले में शिवसेना (शिंदे गुट) के पार्षद रमेश म्हात्रे को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इस मामले में उनके तीन साथियों को भी हिरासत में लिया है। घटना के बाद एक पीड़ित डॉक्टर ने नौकरी से इस्तीफा देकर ठाणे छोड़ दिया और अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है।
यह घटना सोमवार को अस्पताल के नवजात शिशु गहन चिकित्सा कक्ष में हुई। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, उस समय गहन चिकित्सा कक्ष में कोई बिस्तर उपलब्ध नहीं था। ऐसे में डॉ. सृष्टि बाविस्कर और डॉ. वैभव सालुंखे ने नवजात के परिजनों को बच्चे को किसी अन्य अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी।
बताया गया है कि इस बात से नाराज परिजनों ने शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे को अस्पताल बुला लिया। आरोप है कि वह अपने तीन साथियों के साथ अस्पताल पहुंचे और डॉक्टरों तथा चिकित्सा कर्मचारियों के साथ मारपीट की। घटना के बाद अस्पताल परिसर में तनाव का माहौल बन गया।
घटना के बाद एक पीड़ित डॉक्टर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह स्वयं को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि भय के कारण उन्होंने अपनी नौकरी से इस्तीफा दे दिया है और ठाणे छोड़ दिया है। डॉक्टर ने दावा किया कि उन्हें लगातार असुरक्षा का एहसास हो रहा है और वह भविष्य में ठाणे लौटकर कार्य नहीं करेंगे।
मामले को लेकर महाराष्ट्र के उद्योग मंत्री उदय सामंत ने कहा कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने आरोपी पार्षद के व्यवहार पर नाराजगी जताई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला डॉक्टर पर हाथ उठाना पूरी तरह गलत है और शिवसेना इस घटना का समर्थन नहीं करती। उन्होंने यह भी कहा कि मामले की जांच में किसी प्रकार का राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं किया गया है।
घटना की निंदा कल्याण से सांसद श्रीकांत शिंदे सहित शिवसेना के कई नेताओं और विपक्षी दलों ने भी की है। ठाणे के सांसद नरेश म्हास्के ने बताया कि पार्टी ने आरोपी पार्षद को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और उसके जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है और सभी तथ्यों के आधार पर विधिक कार्रवाई की जा रही है।




