नई दिल्ली | राष्ट्रीय डेस्क | वेब वार्ता
Rewa Sundarja Mango Export के तहत मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध जीआई (Geographical Indication) टैग प्राप्त रीवा सुंदरजा आम ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई पहचान बनाई है। कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) की पहल पर रीवा सुंदरजा आम की पहली व्यावसायिक खेप संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के लिए रवाना की गई। 26 जून 2026 को एक मीट्रिक टन आम की पहली खेप निर्यात की गई, जिससे न केवल भारत के कृषि निर्यात को बढ़ावा मिलेगा बल्कि रीवा क्षेत्र के किसानों की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है।
- रीवा सुंदरजा आम की पहली व्यावसायिक खेप यूएई भेजी गई।
- एक मीट्रिक टन GI-टैग प्राप्त आम का निर्यात किया गया।
- APEDA ने निर्यात प्रक्रिया और अंतरराष्ट्रीय खरीदार से संपर्क स्थापित कराया।
- निर्यात के लिए किसानों से ₹150 प्रति किलोग्राम की दर से खरीद की गई।
- स्थानीय बाजार की तुलना में किसानों को ₹40-50 प्रति किलोग्राम अधिक मूल्य मिला।
- GI टैग से वैश्विक बाजार में रीवा सुंदरजा आम की अलग पहचान मजबूत होगी।
Rewa Sundarja Mango Export क्यों है खास?
रीवा सुंदरजा आम मध्य प्रदेश के रीवा क्षेत्र की विशेष पहचान है और इसे भौगोलिक संकेतक (GI) टैग प्राप्त है। पहली बार इस आम की व्यावसायिक खेप संयुक्त अरब अमीरात भेजी गई है, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस विशिष्ट उत्पाद की बढ़ती मांग का संकेत माना जा रहा है।
इस उपलब्धि के लिए APEDA ने मध्य प्रदेश उद्यानिकी विभाग, किसान उत्पादक संगठनों (FPOs), निर्यातकों, पैक हाउस संचालकों और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के साथ मिलकर निर्यात श्रृंखला विकसित की। इसी समन्वित प्रयास से यूएई के खरीदार तक रीवा सुंदरजा आम की पहुंच संभव हो सकी।
किसानों को मिला स्थानीय बाजार से अधिक मूल्य
रीवा सुंदरजा आम के निर्यात का सबसे बड़ा लाभ क्षेत्र के किसानों को मिला है। स्थानीय बाजार में जहां इस आम की कीमत लगभग ₹100 से ₹110 प्रति किलोग्राम थी, वहीं निर्यात के लिए किसानों से ₹150 प्रति किलोग्राम की दर से खरीद की गई।
इस प्रकार किसानों को प्रति किलोग्राम ₹40 से ₹50 का अतिरिक्त लाभ प्राप्त हुआ। विशेषज्ञों का मानना है कि निर्यात आधारित मूल्य श्रृंखला से जुड़ने पर किसानों की आय में स्थायी वृद्धि की संभावना बढ़ती है और उच्च गुणवत्ता वाले कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजार मिलता है।
निर्यात से जुड़े प्रमुख तथ्य
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| उत्पाद | GI टैग प्राप्त रीवा सुंदरजा आम |
| निर्यात गंतव्य | संयुक्त अरब अमीरात (UAE) |
| पहली खेप | 1 मीट्रिक टन |
| निर्यात तिथि | 26 जून 2026 |
| स्थानीय बाजार मूल्य | ₹100–110 प्रति किलोग्राम |
| निर्यात खरीद मूल्य | ₹150 प्रति किलोग्राम |
| समन्वय संस्था | APEDA |
APEDA ने कैसे बनाई निर्यात श्रृंखला?
APEDA ने इस पहल के तहत मध्य प्रदेश उद्यानिकी विभाग, किसान उत्पादक संगठनों, निर्यातकों, पैक हाउस संचालकों और विदेशी खरीदारों के बीच समन्वय स्थापित किया। इस सहयोग से रीवा सुंदरजा आम के लिए संयुक्त अरब अमीरात में व्यावसायिक खरीदार उपलब्ध कराया गया और अंतरराष्ट्रीय विपणन का मार्ग प्रशस्त हुआ।
इस उपलब्धि को चिह्नित करने के लिए 26 जून को पहली व्यावसायिक खेप को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इसे भारत के कृषि निर्यात और क्षेत्रीय कृषि उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
भारतीय कृषि निर्यात को मिलेगी नई पहचान
भारत में विभिन्न राज्यों के कई कृषि उत्पादों को GI टैग प्राप्त है, जो उनकी विशिष्ट गुणवत्ता और भौगोलिक पहचान को दर्शाता है। रीवा सुंदरजा आम का अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रवेश इस दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ऐसे उत्पादों के लिए निरंतर अंतरराष्ट्रीय बाजार विकसित किए जाएं तो किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ भारत के कृषि निर्यात को भी नई ऊंचाई मिल सकती है।




