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No PUC No Fuel Haryana: 1 अक्टूबर से बिना वैध PUC प्रमाणपत्र के नहीं मिलेगा ईंधन

नई दिल्ली | राष्ट्रीय डेस्क | वेब वार्ता

No PUC No Fuel Haryana नीति के तहत हरियाणा सरकार राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले जिलों में 1 अक्टूबर 2026 से बिना वैध Pollution Under Control (PUC) प्रमाणपत्र वाले वाहनों को ईंधन नहीं देगी। यह फैसला वायु गुणवत्ता में सुधार और प्रदूषण नियंत्रण को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से लिया गया है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने इस नीति को लागू करने की जानकारी दी।

⚡ संक्षिप्त वार्ता (Quick Info)

  • 1 अक्टूबर 2026 से बिना वैध PUC वाले वाहनों को ईंधन नहीं मिलेगा।
  • नीति NCR क्षेत्र में हरियाणा के अधिकार क्षेत्र में लागू होगी।
  • सभी 2,780 पेट्रोल पंपों पर ANPR प्रणाली लगाई जा रही है।
  • 30 सितंबर तक 23 नए वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्र शुरू होंगे।
  • 2026 में 925 इलेक्ट्रिक बसें संचालित करने का लक्ष्य।
  • पुराने वाहनों के खिलाफ कार्रवाई और स्क्रैपिंग अभियान जारी।

No PUC No Fuel Haryana नीति क्यों लागू की जा रही है?

हरियाणा सरकार का कहना है कि इस नीति का मुख्य उद्देश्य वायु प्रदूषण को कम करना और वाहनों से होने वाले उत्सर्जन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है। वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र नहीं रखने वाले वाहनों को ईंधन उपलब्ध नहीं कराया जाएगा, जिससे वाहन मालिकों को समय पर PUC प्रमाणपत्र बनवाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।

यह निर्णय वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की समीक्षा बैठक के दौरान लिया गया, जिसमें NCR क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े विभिन्न उपायों पर चर्चा की गई।

ANPR प्रणाली की क्या भूमिका होगी?राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के सभी 2,780 पेट्रोल पंपों पर स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (Automatic Number Plate Recognition – ANPR) प्रणाली स्थापित की जा रही है। यह प्रणाली ईंधन भरवाने से पहले वाहन के वैध PUC प्रमाणपत्र का डिजिटल सत्यापन करने में मदद करेगी।

नई नीति से जुड़े प्रमुख तथ्य

मुख्य बिंदुविवरण
नीति लागू होने की तिथि1 अक्टूबर 2026
मुख्य नियमबिना वैध PUC प्रमाणपत्र ईंधन नहीं मिलेगा
लागू क्षेत्रहरियाणा का NCR क्षेत्र
पेट्रोल पंप2,780 पर ANPR प्रणाली
नए एयर मॉनिटरिंग सेंटर23 (कुल संख्या 45 होगी)
इलेक्ट्रिक बसें2026 में 925 बसें, 70 पहले से संचालित

इलेक्ट्रिक बसों और निगरानी नेटवर्क का होगा विस्तार

परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजशेखर वुंद्रू के अनुसार वर्ष 2026 के दौरान गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, पानीपत, करनाल और रोहतक में कुल 925 इलेक्ट्रिक बसें शुरू की जाएंगी। इनमें से 70 बसें पहले ही परिचालन में हैं, जबकि 385 अतिरिक्त बसों की खरीद एवं संचालन की प्रक्रिया जारी है।

इसके अलावा 30 सितंबर से पहले 23 नए वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्र शुरू किए जाएंगे, जिससे राज्य में ऐसे केंद्रों की कुल संख्या बढ़कर 45 हो जाएगी।

इस नीति का क्या प्रभाव पड़ सकता है?नई व्यवस्था से वाहन मालिकों में समय पर PUC प्रमाणपत्र बनवाने की प्रवृत्ति बढ़ने की उम्मीद है। साथ ही प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर नियंत्रण, बेहतर वायु गुणवत्ता और स्वच्छ परिवहन प्रणाली को बढ़ावा मिलने की संभावना है।

पुराने वाहनों पर भी कार्रवाई जारी

सरकार के अनुसार हरियाणा में अब तक 2,883 पुराने वाहनों को जब्त किया जा चुका है। इनमें से 2,000 से अधिक वाहनों को स्क्रैप किया गया है, जबकि स्वैच्छिक वाहन स्क्रैपिंग के लिए 6,000 से अधिक अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) जारी किए गए हैं।

सरकार का कहना है कि प्रदूषण नियंत्रण, स्वच्छ परिवहन और आधुनिक निगरानी व्यवस्था के माध्यम से NCR क्षेत्र में वायु गुणवत्ता सुधारने के प्रयास लगातार जारी रहेंगे।

 

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