देहरादून | राष्ट्रीय डेस्क | वेब वार्ता
Jacob Zuma Haridwar Visit के दौरान दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति जैकब जुमा ने शनिवार को हरिद्वार स्थित दक्षिण काली मंदिर पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि ने उनकी विशेष पूजा संपन्न कराई। पूजा के बाद जैकब जुमा ने हरिद्वार को देवभूमि बताते हुए यहां के आध्यात्मिक वातावरण की सराहना की और अपने अनुभव को बेहद सकारात्मक बताया। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका में वर्ष 2029 में होने वाले चुनावों में सफलता की उम्मीद भी जताई।
- दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति जैकब जुमा हरिद्वार पहुंचे।
- दक्षिण काली मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की।
- आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि ने पूजा संपन्न कराई।
- जुमा ने हरिद्वार को देवभूमि बताते हुए आध्यात्मिक महत्व की सराहना की।
- 2029 के दक्षिण अफ्रीका चुनाव में जीत की उम्मीद जताई।
- स्वामी कैलाशानंद गिरि ने उन्हें विजय का आशीर्वाद दिया।
Jacob Zuma Haridwar Visit के दौरान क्या हुआ?
हरिद्वार प्रवास के दौरान जैकब जुमा ने दक्षिण काली मंदिर में पारंपरिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस विशेष अनुष्ठान का संचालन आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि ने किया। पूजा के उपरांत उन्होंने मंदिर परिसर में आध्यात्मिक वातावरण की सराहना करते हुए कहा कि हरिद्वार का अनुभव उनके लिए अत्यंत प्रेरणादायक रहा।
उन्होंने कहा कि भारत की आध्यात्मिक विरासत विश्वभर के लोगों को आकर्षित करती है और हरिद्वार जैसी पवित्र नगरी में आना उनके लिए विशेष अनुभव रहा।
यात्रा से जुड़े प्रमुख तथ्य
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| अतिथि | दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति जैकब जुमा |
| स्थान | दक्षिण काली मंदिर, हरिद्वार |
| विशेष पूजा | आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि द्वारा |
| मुख्य संदेश | हरिद्वार के आध्यात्मिक महत्व की सराहना |
| राजनीतिक टिप्पणी | 2029 के चुनाव में जीत की उम्मीद जताई |
जैकब जुमा का राजनीतिक सफर
जैकब जुमा दक्षिण अफ्रीका की राजनीति के प्रमुख नेताओं में रहे हैं। उन्होंने रंगभेद विरोधी आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई और वर्ष 2009 में दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति बने। बाद में वर्ष 2018 में भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।
इसके बावजूद वह दक्षिण अफ्रीका की राजनीति में एक प्रभावशाली चेहरा बने हुए हैं और सार्वजनिक जीवन में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।
हरिद्वार की आध्यात्मिक पहचान फिर बनी आकर्षण का केंद्र
हरिद्वार देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और विशिष्ट अतिथियों के लिए प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र माना जाता है। समय-समय पर कई अंतरराष्ट्रीय हस्तियां यहां धार्मिक अनुष्ठानों में भाग ले चुकी हैं।
जैकब जुमा की यात्रा ने एक बार फिर हरिद्वार की वैश्विक आध्यात्मिक पहचान को चर्चा में ला दिया है।




