नई दिल्ली | राष्ट्रीय डेस्क | वेब वार्ता
Queen Máxima India Visit के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में संयुक्त राष्ट्र महासचिव की वित्तीय मामलों की विशेष सलाहकार और नीदरलैंड की महारानी क्वीन मैक्सिमा से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच भारत की डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (Digital Public Infrastructure) और वित्तीय समावेशन को लेकर व्यापक चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की डिजिटल व्यवस्था ने वित्तीय सेवाओं को अधिक सुलभ, किफायती और प्रभावी बनाकर करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में क्वीन मैक्सिमा से मुलाकात की।
- डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और वित्तीय समावेशन पर चर्चा हुई।
- भारत के डिजिटल मॉडल की वैश्विक उपयोगिता पर विचार-विमर्श किया गया।
- वित्तीय सेवाओं को अधिक सुलभ और किफायती बनाने पर जोर दिया गया।
- भारत ने साझेदार देशों के साथ अपना अनुभव साझा करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
- बैठक में लोगों के आर्थिक सशक्तिकरण पर विशेष फोकस रहा।
Queen Máxima India Visit के दौरान क्या हुई चर्चा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि बैठक के दौरान भारत की डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (DPI) के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक के माध्यम से बैंकिंग, भुगतान और अन्य वित्तीय सेवाएं देश के दूरदराज क्षेत्रों तक पहुंची हैं, जिससे करोड़ों नागरिकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मदद मिली है।
बैठक के प्रमुख बिंदु
| विषय | मुख्य जानकारी |
|---|---|
| बैठक | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और क्वीन मैक्सिमा |
| स्थान | नई दिल्ली |
| मुख्य एजेंडा | डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना एवं वित्तीय समावेशन |
| विशेष भूमिका | संयुक्त राष्ट्र महासचिव की वित्तीय मामलों की विशेष सलाहकार |
भारत वैश्विक साझेदारी को देगा बढ़ावा
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत अपने डिजिटल अनुभव और नवाचारों को दुनिया के साझेदार देशों के साथ साझा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उनका मानना है कि डिजिटल तकनीक के माध्यम से वित्तीय समावेशन को मजबूत कर विकासशील देशों में आर्थिक अवसरों का विस्तार किया जा सकता है।
डिजिटल समावेशन पर भारत का बढ़ता वैश्विक प्रभाव
भारत ने पिछले कुछ वर्षों में डिजिटल भुगतान, वित्तीय समावेशन और सार्वजनिक सेवाओं के डिजिटलीकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। यही कारण है कि भारतीय डिजिटल मॉडल को वैश्विक मंचों पर लगातार सराहना मिल रही है और अनेक देश इसे अपनाने में रुचि दिखा रहे हैं।




