श्रीनगर | राष्ट्रीय डेस्क | वेब वार्ता
Muharram Procession Srinagar के तहत बुधवार को कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में 8वीं मुहर्रम का पारंपरिक जुलूस श्रद्धा और अकीदत के साथ निकाला गया। गुरु बाजार से डलगेट तक निकले इस जुलूस में हजारों शोक मनाने वालों ने हिस्सा लिया और कर्बला के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। पूरे मार्ग पर गमगीन माहौल देखने को मिला, जहां काले झंडे, शोक बैनर और मर्सिया की आवाजें वातावरण को भावुक बना रही थीं।
मुहर्रम के इस महत्वपूर्ण अवसर पर प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात के व्यापक इंतजाम किए थे, जिससे जुलूस शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
- श्रीनगर में 8वीं मुहर्रम का पारंपरिक जुलूस निकला
- गुरु बाजार से डलगेट तक हजारों लोगों की सहभागिता
- काले झंडों और शोक बैनरों के बीच निकला जुलूस
- मार्ग में सबील, मेडिकल कैंप और सेवा शिविर लगाए गए
- सुरक्षा और ट्रैफिक के विशेष इंतजाम किए गए
गुरु बाजार से शुरू हुआ जुलूस
8वीं मुहर्रम का पारंपरिक जुलूस बुधवार सुबह गुरु बाजार क्षेत्र से शुरू हुआ। जुलूस अपने निर्धारित मार्ग से होते हुए बुदशाह कदल, एम.ए. रोड और डलगेट की ओर बढ़ा।
जुलूस में शामिल श्रद्धालु काले झंडे लेकर चल रहे थे और कर्बला के शहीदों की याद में शोक से जुड़ी रस्मों का पालन कर रहे थे।
रास्ते भर सेवा शिविर और मेडिकल कैंप
जुलूस मार्ग पर विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों की ओर से सबील, मेडिकल कैंप और सेवा स्टॉल लगाए गए थे। इन केंद्रों पर लोगों को पानी, शरबत, प्राथमिक चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।
वॉलंटियर्स पूरे मार्ग पर श्रद्धालुओं की सहायता करते नजर आए और जुलूस को व्यवस्थित बनाए रखने में सहयोग करते रहे।
श्रद्धालुओं ने व्यक्त की भावनाएं
मध्य कश्मीर के बडगाम जिले से आए ताहिर अली ने कहा कि यह केवल एक जुलूस नहीं, बल्कि कर्बला की कुर्बानी को याद करने और उससे प्रेरणा लेने का अवसर है।
वहीं प्रतिभागी मुबाशिर हसन ने कहा कि इस आयोजन में दुख और एकता दोनों का भाव दिखाई देता है। उनके अनुसार कश्मीर के विभिन्न जिलों से आए लोगों की मौजूदगी सामाजिक और धार्मिक एकजुटता का प्रतीक है।
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| आयोजन | 8वीं मुहर्रम का पारंपरिक जुलूस |
| स्थान | श्रीनगर, जम्मू-कश्मीर |
| मार्ग | गुरु बाजार से डलगेट |
| व्यवस्थाएं | सुरक्षा, मेडिकल कैंप, ट्रैफिक कंट्रोल |
प्रशासन ने किए व्यापक इंतजाम
अधिकारियों के अनुसार जुलूस के सुचारू संचालन के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी। ड्रोन कैमरों से निगरानी, मेडिकल सहायता केंद्र, ट्रैफिक प्रबंधन और सफाई व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई।
जुलूस मार्ग से जुड़ी प्रमुख सड़कों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया था, जबकि विभिन्न जिलों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष पार्किंग व्यवस्था भी की गई थी।
8वीं मुहर्रम का यह पारंपरिक जुलूस कश्मीर की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है, जिसमें हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर कर्बला के शहीदों को याद करते हैं।
📲 देश और जम्मू-कश्मीर की बड़ी खबरें सबसे पहले पाने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें
ये भी पढ़ें: Mumbai Monsoon Rain: भारी बारिश से मुंबई बेहाल, कई इलाकों में जलभराव; IMD ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट




