नई दिल्ली | राष्ट्रीय डेस्क | वेब वार्ता
Bhagwant Mann Video Controversy मामले में नया राजनीतिक मोड़ सामने आया है। भाजपा नेता आरपी सिंह ने दावा किया है कि गुरुग्राम पुलिस की क्राइम ब्रांच द्वारा दर्ज एफआईआर में मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े कथित वीडियो प्रकरण में फर्जी फॉरेंसिक साक्ष्य तैयार करने और तथ्यों को प्रभावित करने की कथित साजिश का खुलासा हुआ है। भाजपा ने मामले को गंभीर बताते हुए मुख्यमंत्री से नैतिक आधार पर इस्तीफे की मांग की है।
वहीं पंजाब सरकार और आम आदमी पार्टी पहले ही दावा कर चुकी है कि स्वतंत्र फॉरेंसिक जांचों में वायरल वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति भगवंत मान नहीं पाया गया। ऐसे में मामला अब राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है।
- गुरुग्राम में कथित फर्जी फॉरेंसिक रिपोर्ट मामले में FIR दर्ज
- भाजपा नेता आरपी सिंह ने लगाए गंभीर आरोप
- मुख्यमंत्री भगवंत मान से इस्तीफे की मांग
- मामले में आईटी एक्ट और धोखाधड़ी की धाराएं शामिल
- आम आदमी पार्टी पहले ही आरोपों को खारिज कर चुकी है
क्या है पूरा मामला?
यह विवाद उस वायरल वीडियो से जुड़ा है जिसमें एक व्यक्ति को सिख गुरुओं की तस्वीरों के पास कथित आपत्तिजनक हरकत करते हुए दिखाया गया था। वीडियो सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने दावा किया कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान हैं।
हालांकि पंजाब सरकार और आम आदमी पार्टी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि स्वतंत्र फॉरेंसिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि वीडियो में मौजूद व्यक्ति मुख्यमंत्री भगवंत मान नहीं हैं।
FIR में क्या कहा गया?
आरपी सिंह के अनुसार गुरुग्राम के डीएलएफ सेक्टर-29 थाने में दर्ज एफआईआर संख्या 0263 में संगठित अपराध, धोखाधड़ी, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड में जालसाजी और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि वीडियो को डीपफेक साबित करने और जनमत को प्रभावित करने के उद्देश्य से कथित रूप से फर्जी फॉरेंसिक रिपोर्ट तैयार की गई।
फॉरेंसिक रिपोर्ट पर उठे सवाल
भाजपा नेता का कहना है कि जिन रिपोर्टों के आधार पर मुख्यमंत्री को क्लीन चिट देने का दावा किया गया था, उनकी प्रमाणिकता पर अब सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे मामले में तथ्यों को प्रभावित करने और सच्चाई को दबाने का प्रयास किया गया।
हालांकि इन आरोपों पर संबंधित पक्षों और जांच एजेंसियों की ओर से अंतिम निष्कर्ष सामने आना अभी बाकी है।
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| विवाद | भगवंत मान से जुड़ा कथित वायरल वीडियो |
| FIR स्थान | डीएलएफ सेक्टर-29 थाना, गुरुग्राम |
| मुख्य आरोप | फर्जी फॉरेंसिक रिपोर्ट और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड में कथित जालसाजी |
| मांग | मुख्यमंत्री से इस्तीफा |
आरपी सिंह ने क्या कहा?
भाजपा नेता आरपी सिंह ने कहा कि यदि लगाए गए आरोप सही साबित होते हैं तो यह केवल एक वीडियो विवाद नहीं रहेगा, बल्कि सरकारी तंत्र के कथित दुरुपयोग और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल का मामला बन सकता है।
उन्होंने मांग की कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और व्यापक जांच कराई जाए तथा मामले में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
नोट: इस समाचार में उल्लिखित आरोप भाजपा नेता आरपी सिंह के बयानों और उपलब्ध शिकायतों पर आधारित हैं। मामले की जांच जारी है और संबंधित पक्षों की अंतिम कानूनी स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
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