काठमांडू/नई दिल्ली, अंतरराष्ट्रीय डेस्क | वेब वार्ता
नेपाल में कथित Passport Printing Scam को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। Nepal Passport Scam मामले में नेपाल की भ्रष्टाचार निरोधक संस्था अख्तियार दुरुपयोग अनुसंधान आयोग (CIAA) ने 16 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपियों में पासपोर्ट विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और विदेशी कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल हैं। यह मामला पासपोर्ट बुकलेट छपाई के बहुचर्चित ठेके से जुड़ा हुआ है, जिसमें तकनीकी और वित्तीय बोली प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं।
आयोग का दावा है कि सरकारी अधिकारियों और आपूर्तिकर्ता कंपनियों के बीच मिलीभगत के जरिए नियमों को दरकिनार कर अवैध लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया, जिससे नेपाल सरकार को भारी आर्थिक नुकसान हुआ।
- नेपाल पासपोर्ट घोटाले में 16 लोगों पर मामला दर्ज
- CIAA ने वरिष्ठ अधिकारियों और विदेशी प्रतिनिधियों को बनाया आरोपी
- पासपोर्ट बुकलेट प्रिंटिंग टेंडर में अनियमितताओं का आरोप
- राज्य को अरबों रुपये के नुकसान का दावा
Nepal Passport Scam क्या है?
यह मामला नेपाल के पासपोर्ट विभाग द्वारा पासपोर्ट बुकलेट छपाई के लिए जारी किए गए ठेके से जुड़ा है। जांच एजेंसी CIAA के अनुसार टेंडर प्रक्रिया में तकनीकी और वित्तीय मूल्यांकन के दौरान कई नियमों की अनदेखी की गई।
आरोप है कि कुछ अधिकारियों और विदेशी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने मिलकर बोली प्रक्रिया को प्रभावित किया, जिससे सरकारी हितों को नुकसान पहुंचा और कुछ कंपनियों को अनुचित लाभ मिला।
किन अधिकारियों पर लगे आरोप?
मामले में पासपोर्ट विभाग के तत्कालीन महानिदेशक तीरथराज आर्याल समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों को आरोपी बनाया गया है। आरोपियों में तत्कालीन निदेशक शत्रुध्वन प्रसाद शर्मा पोखरेल, रविन्द्र राजभण्डारी, लेखा अधिकारी तुलसी प्रसाद आचार्य, कंप्यूटर इंजीनियर बिपिन प्रसाद और अनुभाग अधिकारी सोमेश थापा सहित अन्य अधिकारी शामिल हैं।
जांच एजेंसी का कहना है कि इन अधिकारियों ने निविदा प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
विदेशी कंपनियों के प्रतिनिधि भी आरोपी
CIAA ने विदेशी कंपनियों के प्रतिनिधियों को भी आरोपी बनाया है। इनमें Veridos GmbH के नेपाल प्रतिनिधि सिद्धार्थ थापा और Muehlbauer के प्रतिनिधि मनिन्द्रज मल्ल शामिल हैं।
आयोग ने दावा किया है कि इन कंपनियों से जुड़े प्रतिनिधियों की भूमिका के कारण राज्य को अरबों नेपाली रुपये का नुकसान हुआ।
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| जांच एजेंसी | CIAA (अख्तियार दुरुपयोग अनुसंधान आयोग) |
| मामला | पासपोर्ट बुकलेट प्रिंटिंग टेंडर |
| कुल आरोपी | 16 |
| मुख्य आरोप | टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता और मिलीभगत |
राज्य को अरबों रुपये के नुकसान का दावा
आयोग के अनुसार टेंडर प्रक्रिया में कथित हेरफेर के चलते राज्य को भारी वित्तीय नुकसान हुआ। आरोप है कि सरकारी अधिकारियों और आपूर्तिकर्ता कंपनियों के बीच समन्वय कर नियमों के विपरीत निर्णय लिए गए।
जांच एजेंसी ने संबंधित पक्षों के खिलाफ वित्तीय क्षति की भरपाई और कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
नेपाल में यह मामला हाल के वर्षों के सबसे चर्चित भ्रष्टाचार मामलों में गिना जा रहा है। इस जांच के परिणाम पर न केवल पासपोर्ट विभाग बल्कि सरकारी खरीद प्रक्रियाओं की पारदर्शिता को लेकर भी व्यापक नजर बनी हुई है।
📲 अंतरराष्ट्रीय और दक्षिण एशिया की बड़ी खबरें सबसे पहले पाने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें
ये भी पढ़ें: Strait of Hormuz से गुजरे उर्वरक से लदे 4 जहाज, भारत का Fertilizer Stock रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा




