नई दिल्ली, 20 जून (वेब वार्ता)। नीट स्नातक पुनर्परीक्षा से ठीक पहले राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की एक गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है। महाराष्ट्र के नागपुर निवासी एक छात्र को परीक्षा केंद्र के रूप में भारत के बजाय संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी का केंद्र आवंटित किए जाने पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। वहीं मामला सामने आने के बाद एजेंसी ने तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
जानकारी के अनुसार नागपुर निवासी छात्र अब्दुल्ला मोहम्मद तालिब ने पुनर्परीक्षा के लिए आवेदन करते समय नागपुर, वर्धा और भंडारा को अपनी प्राथमिकता के रूप में चुना था। हालांकि प्रवेश पत्र डाउनलोड करने पर उसे परीक्षा केंद्र के रूप में अबू धाबी स्थित एक भारतीय विद्यालय का नाम दिखाई दिया। इससे छात्र और उसके परिवार की चिंता बढ़ गई, क्योंकि उसके पास विदेश यात्रा के लिए आवश्यक दस्तावेज तक उपलब्ध नहीं थे।
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी और केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि एक छात्र पिछले एक महीने से परीक्षा की तैयारी कर रहा था, लेकिन परीक्षा से एक दिन पहले जब उसने प्रवेश पत्र डाउनलोड किया तो उसे विदेश में परीक्षा केंद्र आवंटित मिला। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति किसी भी छात्र के लिए अत्यधिक मानसिक तनाव पैदा करने वाली है।
राहुल गांधी ने सामाजिक माध्यम पर जारी अपने संदेश में पूछा कि आखिर ऐसी चूक हुई कैसे। उन्होंने कहा कि जो व्यवस्था किसी विद्यार्थी को उसके शहर में परीक्षा केंद्र उपलब्ध नहीं करा सकती, उसकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि विद्यार्थियों के समय, धन और मानसिक शांति के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार्य नहीं होना चाहिए।
मामला सार्वजनिक होने और सामाजिक माध्यमों पर चर्चा का विषय बनने के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी हरकत में आई। एजेंसी ने आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी करते हुए कहा कि छात्र की शिकायत पर कार्रवाई की जा रही है और आवश्यक सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे नागपुर में ही नया परीक्षा केंद्र आवंटित कर दिया जाएगा।
छात्र के पिता डॉ. मोहम्मद तालिब ने बताया कि प्रवेश पत्र देखने के बाद उनका बेटा काफी परेशान हो गया था। उन्होंने कहा कि परिवार के पास न तो तत्काल विदेश भेजने की व्यवस्था थी और न ही छात्र के पास पासपोर्ट उपलब्ध था। ऐसे में निर्धारित तिथि पर अबू धाबी जाकर परीक्षा देना संभव नहीं था।
इस घटना ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की व्यवस्थाओं और तकनीकी प्रक्रियाओं को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने वाले लाखों विद्यार्थियों के हितों को देखते हुए परीक्षा संचालन में अत्यधिक सतर्कता और पारदर्शिता आवश्यक है।
इस बीच राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने सभी अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे अपने प्रवेश पत्र की जानकारी सावधानीपूर्वक जांच लें। यदि परीक्षा केंद्र, व्यक्तिगत विवरण अथवा अन्य किसी जानकारी में त्रुटि दिखाई दे तो तत्काल एजेंसी की सहायता सेवा से संपर्क करें ताकि समय रहते आवश्यक सुधार किया जा सके।
गौरतलब है कि नीट स्नातक पुनर्परीक्षा 21 जून को दोपहर दो बजे से शाम पांच बजकर पंद्रह मिनट तक आयोजित की जानी है। ऐसे में परीक्षा से ठीक पहले सामने आई इस घटना ने विद्यार्थियों और अभिभावकों की चिंताओं को बढ़ा दिया है।




