मुंबई, 17 जून (वेब वार्ता)। देश में खाद्य मिलावट और खाद्य सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच अभिनेत्री काजल अग्रवाल ने एक बार फिर इस गंभीर विषय को राष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में ला दिया है। अपनी आगामी फिल्म ‘द इंडिया स्टोरी’ के प्रदर्शन से पहले काजल अग्रवाल ने सामाजिक माध्यम पर एक ऐसी पोस्ट साझा की है, जिसने खाद्य गुणवत्ता और सार्वजनिक स्वास्थ्य को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
काजल अग्रवाल ने अपनी सामाजिक माध्यम कहानी में भारतीय आमों के निर्यात से जुड़ी उन रिपोर्टों का उल्लेख किया, जिनमें कीटनाशक अवशेषों और क्वारंटीन संबंधी चिंताओं का जिक्र किया गया था। इस विषय को अपनी आगामी फिल्म से जोड़ते हुए उन्होंने लिखा, “दुर्भाग्य से यह भारत की कहानी है, यही ‘द इंडिया स्टोरी’ है।”
उनकी इस टिप्पणी के बाद सामाजिक माध्यमों पर व्यापक चर्चा शुरू हो गई है। कई लोगों ने खाद्य सुरक्षा, मिलावट और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर चिंता व्यक्त की, जबकि कुछ लोगों ने इसे फिल्म के विषय से जुड़ी एक महत्वपूर्ण सामाजिक चेतावनी बताया।
फिल्म ‘द इंडिया स्टोरी’ की कहानी खाद्य मिलावट जैसे संवेदनशील विषय और उसके समाज तथा जनस्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों के इर्द-गिर्द केंद्रित है। निर्माताओं के अनुसार फिल्म का उद्देश्य केवल मनोरंजन करना नहीं, बल्कि उन चुनौतियों को उजागर करना है जिनका सामना देश के लाखों परिवार प्रतिदिन करते हैं।
ज़ी स्टूडियोज़ और एमआईजी प्रोडक्शन एंड स्टूडियोज़ के सहयोग से निर्मित इस फिल्म में काजल अग्रवाल के साथ श्रेयस तलपड़े भी महत्वपूर्ण भूमिका में दिखाई देंगे। फिल्म का निर्देशन चेतन डीके ने किया है, जबकि कहानी और निर्माण की जिम्मेदारी सागर बी. शिंदे ने संभाली है।
निर्माताओं का दावा है कि यह फिल्म समाज के एक ऐसे मुद्दे को सामने लाएगी, जिस पर अक्सर पर्याप्त चर्चा नहीं हो पाती। खाद्य पदार्थों में मिलावट और उससे होने वाले स्वास्थ्य संबंधी जोखिम आज भी देश के अनेक हिस्सों में चिंता का विषय बने हुए हैं।
फिल्म के सह-निर्माताओं में स्वाति विनायक सैदाने, अनिता जाधव, विनायक सैदाने, कल्पेश शाह, देवयानी खोराते और प्रेम जोशी शामिल हैं। तकनीकी दल में सिनेमैटोग्राफर निशांत भागवत, संगीतकार मंगेश धाकड़े, संपादक आशीष म्हात्रे, गीतकार शकील आज़मी तथा ध्वनि डिज़ाइनर अनमोल भावे शामिल हैं।
‘द इंडिया स्टोरी’ 24 जुलाई को विश्वभर के सिनेमाघरों में हिंदी, तेलुगु और तमिल भाषाओं में प्रदर्शित होगी। सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषय और प्रभावशाली संदेश के कारण यह फिल्म रिलीज़ से पहले ही चर्चा का विषय बन चुकी है। फिल्म से जुड़े लोगों का मानना है कि यह दर्शकों को केवल मनोरंजन ही नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दे पर विचार करने के लिए भी प्रेरित करेगी।




