नई दिल्ली, 12 जून (वेब वार्ता)। भारत और नेपाल के बीच डिजिटल वित्तीय सहयोग को नई मजबूती मिली है। दोनों देशों ने लोगों को मोबाइल अनुप्रयोगों के माध्यम से सीमा-पार धन हस्तांतरण और भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए यूपीआई आधारित भुगतान व्यवस्था का शुभारंभ कर दिया है। इससे अब दोनों देशों के नागरिक सुरक्षित, सरल और त्वरित डिजिटल लेन-देन कर सकेंगे।
वित्त मंत्रालय की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, छह जून को इस महत्वपूर्ण सुविधा तंत्र का औपचारिक शुभारंभ किया गया। इसके तहत भारत के एकीकृत भुगतान इंटरफेस और नेपाल के राष्ट्रीय भुगतान इंटरफेस के बीच प्रत्यक्ष तकनीकी समन्वय स्थापित किया गया है।
नई व्यवस्था के लागू होने के बाद भारत और नेपाल के नागरिक मोबाइल बैंकिंग अनुप्रयोगों तथा डिजिटल वॉलेट के माध्यम से किसी भी समय सीमा-पार धन का आदान-प्रदान कर सकेंगे। इससे दोनों देशों के बीच भुगतान प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सहज, सुरक्षित और निर्बाध हो जाएगी।
विज्ञप्ति में बताया गया कि यह तकनीकी समन्वय नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया की अंतरराष्ट्रीय इकाई एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड और नेपाल क्लियरिंग हाउस लिमिटेड के बीच सहयोग से विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य दोनों देशों के नागरिकों को किफायती और भरोसेमंद डिजिटल भुगतान सुविधा उपलब्ध कराना है।
वित्त मंत्रालय के अनुसार, यूपीआई और एनपीआई का यह जुड़ाव वित्तीय समावेशन की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। इससे भारत और नेपाल के बीच आर्थिक और डिजिटल संबंधों को और मजबूती मिलेगी। साथ ही यह क्षेत्रीय स्तर पर सुरक्षित, सुलभ और कम लागत वाले सीमा-पार भुगतानों को बढ़ावा देने के साझा लक्ष्य के अनुरूप भी है।
मंत्रालय ने कहा कि इस पहल से दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे सामाजिक और आर्थिक संबंधों को नई गति मिलेगी। व्यापार, पर्यटन, शिक्षा और व्यक्तिगत स्तर पर होने वाले लेन-देन को भी इससे सुविधा प्राप्त होगी।
नौ देशों में पहुंचा भारत का यूपीआई
नेपाल में इस सुविधा के शुरू होने के साथ ही भारत का यूपीआई अब नौ देशों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुका है। इनमें सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात, फ्रांस, मॉरीशस, नेपाल, भूटान, कतर, श्रीलंका और कंबोडिया शामिल हैं।
इन देशों की यात्रा करने वाले भारतीय नागरिक अपने परिचित यूपीआई मंचों के माध्यम से आसानी से डिजिटल भुगतान कर सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यूपीआई का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भारत की डिजिटल भुगतान प्रणाली की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता और विश्वसनीयता का प्रमाण है।




