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भारत-नेपाल सीमा पर बढ़ी चौकसी, संदिग्ध घुसपैठ रोकने के लिए सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

किशनगंज, 02 जून (वेब वार्ता)। भारत-नेपाल सीमा से सटे क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सख्त कर दिया गया है। सीमावर्ती इलाकों में संदिग्ध गतिविधियों और संभावित अवैध घुसपैठ को रोकने के लिए सशस्त्र सीमा बल तथा अन्य सुरक्षा एजेंसियां चौबीसों घंटे निगरानी कर रही हैं। प्रमुख चेकपोस्टों पर जांच अभियान तेज कर दिया गया है और आने-जाने वाले लोगों की पहचान की गहन पड़ताल की जा रही है।

सूत्रों के अनुसार, पश्चिम बंगाल के पानीटंकी से लेकर बिहार के जोगबनी क्षेत्र तक सुरक्षा एजेंसियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी गई है और संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।

सशस्त्र सीमा बल के अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए सीमा पार से होने वाली किसी भी अवैध गतिविधि को रोकने के लिए विशेष रणनीति के तहत जवानों की तैनाती की गई है। सुरक्षा बलों को सीमाई क्षेत्रों में चौकन्ना रहने और हर संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना एकत्र करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रमुख चेकपोस्टों पर सघन जांच

सिलीगुड़ी, बागडोगरा, ठाकुरगंज, किशनगंज और फारबिसगंज जैसे प्रमुख चेकपोस्टों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। यहां वाहनों और यात्रियों की नियमित जांच के साथ-साथ पहचान संबंधी दस्तावेजों का भी सत्यापन किया जा रहा है। सुरक्षा बलों की अतिरिक्त टुकड़ियां भी तैनात की गई हैं ताकि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

नेपाल की सुरक्षा एजेंसियां भी सक्रिय

सीमा के दूसरी ओर नेपाल की सुरक्षा एजेंसियों ने भी निगरानी बढ़ा दी है। नेपाल की सशस्त्र पुलिस बल की इकाइयां सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार गश्त कर रही हैं। दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ सूचनाओं का आदान-प्रदान कर रही हैं ताकि सीमा पार होने वाली अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।

सीमांचल क्षेत्र में दिखा असर

सीमावर्ती जिलों पूर्णिया, अररिया, कटिहार और किशनगंज में हाल के दिनों में कुछ बदलाव देखने को मिले हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, कई किराये के ठिकानों और छोटे आवासीय परिसरों में रहने वाले लोगों की संख्या पहले की तुलना में कम दिखाई दे रही है। साथ ही सड़कों और गलियों में घूम-घूमकर सामान बेचने वाले फेरीवालों की संख्या में भी कमी देखी गई है।

हालांकि इन दावों को लेकर कोई आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां क्षेत्र की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन का कहना है कि किसी भी प्रकार की सूचना को गंभीरता से लिया जा रहा है और आवश्यक सत्यापन के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाती है।

लोगों से सहयोग की अपील

सुरक्षा एजेंसियों ने सीमावर्ती गांवों और कस्बों के लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। नागरिकों से कहा गया है कि यदि कोई अज्ञात या संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दे तो उसकी जानकारी तत्काल स्थानीय पुलिस या सशस्त्र सीमा बल को दें। अधिकारियों का मानना है कि स्थानीय लोगों का सहयोग सीमा सुरक्षा को और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

प्रशासन का कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सक्रिय है और किसी भी अवैध गतिविधि या घुसपैठ की कोशिश को विफल करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

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